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अश्लील नृत्य मामले में निलंबित एसडीएम को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत
01-Feb-2026 12:12 PM
अश्लील नृत्य मामले में निलंबित एसडीएम को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत

राज्य सरकार से 10 दिन में जवाब तलब, चार सप्ताह बाद अगली सुनवाई

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 1 फरवरी। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में आयोजित एक ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम में कथित अश्लीलता के मामले में निलंबित किए गए एसडीएम तुलसीदास मरकाम को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने राज्य सरकार को 10 दिनों के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, जबकि प्रकरण की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद तय की गई है। इस बीच 30 जनवरी को मरकाम ने मैनपुर उपखंड कार्यालय पहुंचकर अपना प्रभार भी ग्रहण कर लिया।

इससे पहले 16 जनवरी को आयुक्त महादेव कावरे ने उप कलेक्टर तुलसीदास मरकाम को निलंबित कर दिया था। आरोप था कि नियमों के विपरीत ऑर्केस्ट्रा की अनुमति दी गई और कार्यक्रम के दौरान आपत्तिजनक गतिविधियों में सहभागिता या उपस्थिति रही। निलंबन आदेश को चुनौती देते हुए मरकाम ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
29 जनवरी को हुई सुनवाई में अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ता की बात सुने बिना कार्रवाई की गई प्रतीत होती है, इसलिए निलंबन पर अंतरिम राहत दी जाती है।

मालूम हो कि गरियाबंद के उरमाल क्षेत्र में एक युवा समिति द्वारा छह दिवसीय ऑर्केस्ट्रा का आयोजन किया गया था। मनोरंजन के नाम पर समिति ने 29 दिसंबर 2025 को मैनपुर एसडीएम से अनुमति ली। कार्यक्रम के लिए ओडिशा के कटक से ‘जय दुर्गा ऑर्केस्ट्रा’ के कलाकार बुलाए गए। 8, 9 और 10 जनवरी को हुए कार्यक्रमों का शहर में व्यापक प्रचार किया गया।

आरोप है कि मंच पर कलाकारों द्वारा आपत्तिजनक नृत्य प्रस्तुत किए गए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एसडीएम द्वारा कार्यक्रम का वीडियो बनाते और नोट उछालते देखे जाने का दावा किया गया है। एक अन्य वीडियो में दो पुलिसकर्मियों के अनुचित आचरण के दृश्य भी बताए गए हैं। आयोजकों के अनुसार प्रतिदिन कार्यक्रम का शुल्क 1.20 लाख रुपये तय था, जबकि अतिरिक्त कलाकारों की व्यवस्था अलग से की गई। टिकट दर 200 से 400 रुपये के बीच थी। 9 जनवरी को एसडीएम की उपस्थिति के दौरान अग्रिम पंक्ति में उनके लिए सीट आरक्षित होने की भी जानकारी सामने आई। कार्यक्रम में 8 जनवरी को भारी भीड़ उमड़ी और 11 बजे रात से 3 बजे तड़के तक कार्यक्रम चलता रहा। टेंट के भीतर भीड़ नियंत्रण से बाहर बताई गई, जहां विभिन्न वर्गों के लोग मौजूद थे।

घटना के बाद स्थानीय युवक की शिकायत पर अश्लीलता फैलाने का मामला दर्ज किया गया। आयोजकों में से करीब एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा कलाकारों को भी ओडिशा से गिरफ्तार कर लाया गया।

हाईकोर्ट के निर्देशानुसार राज्य सरकार को तय समयसीमा में जवाब देना होगा। अंतरिम राहत के बावजूद प्रकरण की तथ्यात्मक और कानूनी जांच आगे की सुनवाइयों में निर्णायक होगी।


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