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सिर्फ पैसा काफी नहीं, बच्चे को मां का स्नेह ज्यादा जरूरी
18-Jan-2026 12:20 PM
सिर्फ पैसा काफी नहीं, बच्चे को मां का स्नेह ज्यादा जरूरी

दूसरी महिला के साथ रह रहे पिता की याचिका खारिज की हाईकोर्ट ने

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 18 जनवरी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बाल अभिरक्षा से जुड़े एक मामले में स्पष्ट किया है कि केवल आर्थिक रूप से सक्षम होना, बच्चे की कस्टडी पाने का आधार नहीं बन सकता। अदालत ने कहा कि बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए मां का प्यार, भावनात्मक सुरक्षा और स्थिर पारिवारिक माहौल सबसे अधिक जरूरी होता है।

मामले में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे वैवाहिक विवाद है। दोनों के बीच वर्ष 2013 में मतभेद शुरू हुए, जिसके बाद वे अलग-अलग रहने लगे। इस दौरान पति किसी अन्य महिला के साथ रहने लगा, जबकि बच्चा मां के पास ही रहा।

बाद में पिता ने 7 वर्षीय बच्चे की कस्टडी पाने के लिए फैमिली कोर्ट में आवेदन दिया। उसने दलील दी कि वह आर्थिक रूप से सक्षम है और बच्चे को बेहतर सुविधाएं दे सकता है। फैमली कोर्ट  ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और बच्चे की कस्टडी मां के पास ही रहने दी।

फैमिली कोर्ट के आदेश के खिलाफ पिता ने हाईकोर्ट में अपील दायर की, लेकिन छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अपील खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि पिता का किसी अन्य महिला के साथ रहना यह सुनिश्चित नहीं करता कि बच्चा मानसिक रूप से सुरक्षित रहेगा।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पैसा और संसाधन बच्चे के संपूर्ण विकास के लिए पर्याप्त नहीं होते।
अदालत के अनुसार, मां के साथ रहने से बच्चे को निरंतर देखभाल, भावनात्मक जुड़ाव और स्थिरता मिलती है, जो उसके मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।


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