ताजा खबर
हवाई सुविधा संघर्ष समिति ने कहा-जगदलपुर से जबलपुर के बजाय बिलासपुर होकर दिल्ली की फ्लाइट चलाई जाए
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 17 जनवरी। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने छत्तीसगढ़ सरकार और एलाइंस एयर के बीच हुए समझौता ज्ञापन में व्यापक सुधार की मांग उठाई है। समिति का कहना है कि करोड़ों रुपये की सब्सिडी देने के बावजूद न तो यात्रियों को पर्याप्त उड़ानें मिल रही हैं और न ही हवाई किराए में वास्तविक राहत।
समिति के अनुसार मार्च 2024 से बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर एयरपोर्ट से जो उड़ानें संचालित हो रही हैं, वे एक ऐसे एमओयू के तहत हैं जिसमें एयरलाइन को नुकसान से बचाने के लिए सब्सिडी की व्यवस्था की गई है। लेकिन हकीकत में यात्रियों को सीमित उड़ानें और महंगे टिकट ही मिल रहे हैं।
समिति ने कहा कि एमओयू में न्यूनतम किराया तो तय है, लेकिन उस दर पर बहुत कम टिकट उपलब्ध होते हैं। इसका सीधा असर यह होता है कि सरकार की सब्सिडी अचानक बढ़ जाती है, जबकि आम यात्रियों को सस्ती उड़ान का लाभ नहीं मिल पाता।
समिति का आरोप है कि जगदलपुर–जबलपुर जैसे रूट पर, जहां छत्तीसगढ़ से पर्याप्त यात्री नहीं मिलते, वहां सबसे ज्यादा सब्सिडी व्यर्थ जा रही है। उनका सुझाव है कि जगदलपुर से जबलपुर के बजाय बिलासपुर या दिल्ली के लिए उड़ानें (वाया बिलासपुर) चलाई जाएं, जिससे यात्रियों को ज्यादा सुविधा और राज्य को बेहतर उपयोगिता मिल सके।
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने केवल एक एयरलाइन को जिम्मेदारी देने के फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ओपन टेंडर के जरिए सभी एयरलाइन कंपनियों को आमंत्रित किया जाना चाहिए। जो कंपनी बेहतर सुविधा, अधिक उड़ानें और कम किराया सुनिश्चित करे, उसी को सब्सिडी देना ज्यादा पारदर्शी और लाभकारी होगा।
समिति का महाधरना शनिवार-रविवार को भी जारी रहा। इसमें अनिल गुलहरे, शिरीष कश्यप, नारद श्रीवास, बद्री यादव, रवि बनर्जी, ऋषि सिंह गौतम, राघवेंद्र सिंह ठाकुर, संतोष पीपलवा, शेख अल्फाज, प्रतीक तिवारी, मजहर खान, चित्रकांत श्रीवास, देवेंद्र सिंह ठाकुर, अमर बजाज, प्रकाश बहरानी, हर प्रसाद कैवर्त, रशीद बख्श, महेश दुबे, टाटा मनोज तिवारी, विजय वर्मा, आशुतोष शर्मा, संदीप बाजपेई, मोहसिन अली और सुदीप श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में नागरिक शामिल रहे।


