कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 5 जुलाई। जिला पंचायत अध्यक्ष देवचंद मातलाम यू तो अपने जिला पंचायत क्षेत्र के सुदूर अंचल में विकास की नई गाथा जोड़ चुके हैं, देवचन्द मातलाम फिर से एक नई पहल लेकर अंचल से रुबरू हो रहे हैं, जिसका खास कारण ये है कि विगत कुछ वर्षों में सुर्खियों में संवदेनशील क्षेत्र के जलप्रपात में अब भारी संख्या में लोगो का आगमन हो रहा है, जिसको लेकर जिला प्रसासन ने पर्यटन को खोलने हेतु अनुमति दे दिया है, जिसको लेकर विभिन्न ग्रामो में निकले जलप्रपात में ग्राम वासियो द्वारा समहू बनाया गया है, जहां पर्यटक टिकिट के माध्यम से जलप्रपात पहुचते हैं। इस बीच जिला पंचायत अध्यक्ष देव चन्द मातलाम ने उन सभी ग्राम वासियों से व समूह से आग्रह किया है, कि बस्तर के संस्कृति उनके भोजन कला पहनावा सहित ग्रामीण अंचल के जीवन यापन से भी पर्यटकों को अवगत कराया जाए, जिसके लिए सभी ग्रामो में गोटूल गुड़ी का निर्माण किया जा रहा है जहां लोग संस्क्रति से रूबरू हो सकेंगे।
देव चन्द मातलाम ने बताया है कि जिला प्रशासन इन सभी जलप्रपात को विकसित करेगा, इसके साथ ही इस जलप्रपात में अनेक व्यवस्था भी किया जावेगा साथ ही विगत वर्ष से दन्तेवाड़ा के द्वारा कि या गया होम स्टे को लेकर भी ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा, जिससे बाहर अन्य जिले से आ रहे लोगो को जलप्रपात सहित अंचल के व्यंजन व संस्कृति से अवगत करा सके, जिसके लिए पर्यटकों को रुकने हेतु व्यवस्थाओ पर भी जोर दिया जाना है। खास कर के दो बड़े जलप्रपात कोडाकल कुएँमारी जलप्रपात व कटुल कसा होनहेड जलप्रपात के आसपास ही 9 से अधिक छोटे छोटे जलप्रपात हैं। पर्यटक अगर दो दिन गांव में रुक कर भी सभी जलप्रपात सहित गोब्राहीन मन्दिर सहित टाटामारी , माँझीनगड के सुंदर दृश्य का भी आनंद ले सके जिसके लिए पहल किया जाना है।


