कोण्डागांव
विश्रामपुर, 5 जुलाई। संक्रमण काल में हमारा राष्ट्रीय पारिवारिक दायित्व एकदम अलग है हम सभी मिलकर इस वैश्विक महामारी को जड़ से समाप्त करें। कुछ समय लगा है लेकिन हमें निराश नहीं होना। उक्त आशय का विचार पूज्य दीदी मा साध्वी रितंभरा ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पूर्व कार्यकर्ताओं का एक प्रयास जूना मितान के परिवार प्रबोधन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की आसंदी से वर्चुअल संबोधन करते हुए कही।
दीदी मां ने कहा कि इस कोरोना संक्रमण के कालखंड में हमने अपनों को खोया है जिस की पीड़ा आज भी है।हम एक विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं। यह संकट टलेगा, अंधेरा मिटेगा और वह हम सबके जीवन में एक रोशनी आएगी, जिससे हम सभी पुरातन अवस्था को प्राप्त करेंगे।आप सब विद्यार्थी परिषद के वर्षों के कार्यकर्ता हैं आप सभी के पास अपना एक अनुभव है उस अनुभव से परिवार और समाज के इस संकट निकाल कर आगे बढ़े।
इस संक्रमण के काल में समाज आप के तरफ देखता है आप सभी का जीवन भी समाज के लिए है, इसलिए आप सब हजारों हजार की संख्या सेवा भाव के कार्य अनवरत जारी रखें, जिससे संक्रमण के समय में जो लोग काल कवलित हुए उनके परिजनों का उनके बच्चों का लालन पालन पोषण जिम्मेदारी हम सब समाज के लोगों की है। हमारा छोटा सा वात्सल्य ग्राम जहां पर नन्हीं किलकारियां अपनी आंखें खोलती हैं और लालन पालन पोषण के बाद नम आंखों से मैं हम सब मिलकर उन्हें विदा करते हैं, बहुत पीड़ादायक समय होता है लेकिन जब मैं उनके खुशहाल जीवन को देखती हूं तो मैं आनंद से भर जाती हूं। आप किसी की मदद करें आपको आनंद आएगा। जब कभी मौका मिले तब आप वात्सल्य ग्राम अवश्य आवे। विद्यार्थी परिषद के सभी कार्यकर्ता को मैं परिवार सहित आमंत्रित करती हूं।
वर्चुअल परिवार प्रबोधन के इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छत्तीसगढ़ प्रदेश के पूर्व प्रदेश मंत्री व बिलासपुर के सांसद अरुण साव ने की और दीदी माँ साध्वी ऋतंभरा जी का स्वागत किया। कार्यक्रम में सूरजपुर से परिषद के पूर्व सदस्य गोपाल सिंह विद्रोही, सतीश तिवारी, राज किशोर चौधरी, दीपेंद्र सिंह चौहान, किरण सिंह, शशिकांत गर्ग, अनुराग बघेल, अभय तिवारी, अजय गुप्ता सहित अन्य कार्यकर्ता जुड़े रहे। कार्यक्रम का संचालन विद्यार्थी परिषद के पूर्व प्रदेश मंत्री शुभव्रत चाकी एवं गोपाल पटवा ने की। परिषद गीत पूर्व कार्यकर्ता दीक्षा अग्रवाल अंबिकापुर ने गाया। सभी ने दीदी मां ऋतंभरा का मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।


