कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोंडागांव, 9 फरवरी। छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति द्वारा आयोजित ‘गौ विज्ञान परीक्षा 2025 ’ जिले में एक अनूठी पहल के रूप में सामने आई है। इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य भारतीय गाय (गौ माता) के वैज्ञानिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक महत्व के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है। यह आयोजन विद्यार्थियों एवं युवाओं को भारतीय परंपराओं से जोडऩे और गौ माता के संरक्षण व संवर्धन के प्रति संकल्पित करने का एक सशक्त माध्यम बन गया है।
इसी कड़ी में जिले के दो प्रमुख केंद्रों—सरस्वती शिशु मंदिर कोंडागांव एवं सेजेश केशकाल में जिला स्तरीय परीक्षा का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। इस ज्ञान यज्ञ में कुल 280 छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। परीक्षा के दौरान बच्चों में अपनी संस्कृति और गौ-विज्ञान को गहराई से जानने की जिज्ञासा साफ देखी गई।
उपहार में मिली ‘पंचगव्य किट ’ और स्नेहपूर्ण भोज
आयोजन को यादगार बनाने के लिए परीक्षा में सम्मिलित सभी बच्चों को पंचगव्य किट उपहार स्वरूप प्रदान की गई। इस किट के माध्यम से बच्चों को गौ-उत्पादों की उपयोगिता और उनके स्वास्थ्य लाभों के बारे में व्यवहारिक जानकारी दी गई। परीक्षा के पश्चात सभी बच्चों के लिए सामूहिक भोज का आयोजन किया गया, जहाँ बच्चों ने बड़े चाव से खिचड़ी का आनंद लिया।
सहायक जिला नोडल अधिकारी अशोक कुमार साहू ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि नई पीढ़ी को गौ-वंश के वैज्ञानिक पहलुओं से अवगत कराना समय की मांग है। उन्होंने सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगियों और छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया।
इस कार्यक्रम में रामकुमार पात्र जिला गौ सेवा आयोग सदस्य , डॉ हितेश मिश्रा कृषि वैज्ञानिक, सहदेव मरकाम जिला कार्यक्रम अधिकारी, अशोक कुमार साहू बी आर पी सहायक जिला नोडल अधिकारी गौ विज्ञान परीक्षा कोंडागांव, जगदीश देवांगन व्याख्याता,परशु मरकाम प्रधानाचार्य, प्रकाश देवांगन का सहयोग रहा।


