कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 4 फरवरी। मोबाइल टावर से बैटरी चोरी की बड़ी घटनाओं पर कोण्डागांव पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने चोरी करने वाले, चोरी का माल खपाने वाले और खरीदने वाले सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 13 लाख 22 हजार रुपये की सामग्री जब्त की है। चौंकाने वाली बात यह रही कि चोरी की वारदातों का मास्टरमाइंड स्वयं टावर का इंजीनियर निकला।
पुलिस अधीक्षक कोण्डागांव पंकज चन्द्रा के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कौशलेन्द्र देव पटेल के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। अनुविभागीय अधिकारी फरसगांव अभिनव उपाध्याय एवं उप पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र पुजारी के पर्यवेक्षण में थाना उरन्दाबेड़ा और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
पुलिस के अनुसार 01 फरवरी को रामकुमार राय ने थाना उरन्दाबेड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 28 जनवरी को भोगापाल गांव स्थित जियो मोबाइल टावर से 72 बैटरियों की चोरी अज्ञात व्यक्तियों द्वारा कर ली गई है। रिपोर्ट पर थाना उरन्दाबेड़ा में बीएनएस की धारा 3(5), 303(2) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल द्वारा टावर डाटा डंप एनालिसिस और पूर्व की घटनाओं का बारीकी से अध्ययन किया गया। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जियो कंपनी में कार्यरत टेक्नीशियन राघवेन्द्र साहू घटना के समय टावर के आसपास मौजूद था। पूछताछ में उसने भोगापाल टावर सहित आसपास के अन्य टावरों से भी कृष्ण साहू के साथ मिलकर बैटरी चोरी करना स्वीकार किया।
आरोपी ने बताया कि चोरी की गई बैटरियों को समर मोहम्मद कबाड़ी निवासी रायपुर के माध्यम से राजनांदगांव निवासी आबिद मलिक को बेचा गया। इसके बाद पुलिस ने रायपुर से समर मोहम्मद और राजनांदगांव से आबिद मलिक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आबिद मलिक ने स्वीकार किया कि उसने 72 टावर बैटरियां खरीदी थीं, जिनमें से 48 को स्क्रैप कर खपा दिया गया तथा 24 बैटरियां उसके पास रखी हुई थीं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 24 टावर बैटरियां कीमत लगभग 1 लाख 72 हजार रुपये, स्क्रैप बिक्री की रकम 50 हजार रुपये तथा घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन क्रमांक सीजी-05-एई-5183 कीमत लगभग 11 लाख रुपये जब्त किए। इस प्रकार कुल 13 लाख 22 हजार रुपये की संपत्ति जब्त कर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।


