कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
केशकाल, 4 फरवरी। केशकाल नगर पंचायत में एसआईआर प्रक्रिया के तहत समाज विशेष के पात्र मतदाताओं के नाम षड्यंत्रपूर्वक अनुपस्थित दिखाए जाने को लेकर कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को केशकाल एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
पीसीसी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष अमीन मेमन ने आरोप लगाया है कि भाजपा जानबूझकर समाज विशेष के मतदाताओं को निशाना बनाकर उनके नाम मतदाता सूची से कटवा रही है। जिससे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही इस मामले में निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस पार्टी के साथ-साथ समाज के लोग उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
भाजपा का षड्यंत्र है- अमीन मेमन
अमीन मेमन ने कहा कि केशकाल में लगभग 274 पात्र मतदाताओं के नामों पर आपत्ति दर्ज की गई है, जिनमें अधिकांश आपत्तिकर्ता कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी से जुड़े बताए जा रहे हैं। नगर पंचायत केशकाल में बाहर के क्षेत्रों, विशेषकर विश्रामपुरी ग्रामीण क्षेत्र के लोगों द्वारा आपत्तियां लगाई गई हैं। अमीन मेमन ने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि ऐसे लोग, जो संबंधित मतदाताओं को जानते तक नहीं, उनके नामों पर आपत्ति दर्ज करा रहे हैं।
कांग्रेस ने ज्ञापन सौंपकर मांग की कि फर्जी और असत्य आपत्तियां दर्ज कराने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। जो व्यक्ति वास्तव में क्षेत्र का निवासी नहीं है, उसका नाम हटाने पर कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन किसी समाज विशेष को निशाना बनाकर नाम काटने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि जांच में आपत्तियां गलत पाई गईं तो दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
एसडीएम ने एसआईआर प्रक्रिया से जुड़ी आपत्तियों को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष द्वारा फॉर्म-7 के तहत दर्ज कराई गई आपत्तियों को नियमानुसार लिया गया है। भारत निर्वाचन आयोग की गाइडलाइंस के अनुसार किसी भी आपत्ति पर कार्रवाई से पहले आपत्तिकर्ता को बुलाकर जांच की जाएगी। आपत्तिकर्ता का उसी मतदान केंद्र का मतदाता होना अनिवार्य है। इसके साथ ही बाहर के व्यक्ति द्वारा आपत्ति किए जाने की स्थिति में संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करना जरूरी होगा। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिन मतदाताओं के नामों पर दावा या आपत्ति दर्ज की गई है, उन्हें भी बुलाकर उनका पक्ष सुना जाएगा। प्रशासन पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरा करेगा।


