कोण्डागांव

नौकरी यथावत रखने की मांग, बालगृह कर्मियों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
20-Jan-2026 9:31 PM
नौकरी यथावत रखने की मांग,  बालगृह कर्मियों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोण्डागांव, 20 जनवरी। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत एनजीओ द्वारा संचालित बालगृह में कार्यरत कर्मचारियों ने सोमवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी सेवाएं यथावत बनाए रखने की मांग की है।

कर्मचारियों ने बताया कि वे विगत कई वर्षों से अनाथ, निराश्रित एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की सेवा पूरी निष्ठा, समर्पण और जिम्मेदारी के साथ करते आ रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से कोरोना महामारी काल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस कठिन समय में, जब पूरा देश भय और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा था, तब भी उन्होंने अपने परिवारों से दूर रहकर बालगृह में निवास करते हुए बच्चों की देखभाल की।

कर्मचारियों के अनुसार, कोरोना काल में कई महीनों तक वे बालगृह परिसर में ही रहकर बच्चों की सुरक्षा, भोजन, इलाज, पढ़ाई और मानसिक देखभाल की जिम्मेदारी निभाते रहे और अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चों को अकेला नहीं छोड़ा।

कर्मचारियों ने यह भी बताया कि सभी ने मिलकर बालिकाओं के भविष्य को संवारने के लिए निरंतर प्रयास किए, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। बालिकागृह कोण्डागांव की बालिकाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल रही हैं और लगातार दो वर्षों से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार की विजेता बनी हैं। अब कर्मचारियों ने आशंका जताई है कि उनकी सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं, जिससे उनके परिवारों के सामने रोजगार और आजीविका का गंभीर संकट उत्पन्न हो जाएगा।

साथ ही इसका सीधा प्रभाव बालगृह में रह रहे बच्चों की देखरेख और व्यवस्थाओं पर भी पड़ेगा, क्योंकि वर्तमान कर्मचारी इस कार्य में पूरी तरह प्रशिक्षित और अनुभवी हैं।

कर्मचारियों ने कलेक्टर से मांग की है कि उनकी सेवा, अनुभव और त्याग को ध्यान में रखते हुए एनजीओ द्वारा संचालित बालगृह में कार्यरत सभी कर्मचारियों को यथावत सेवा में रखा जाए, ताकि बच्चों की देखभाल की व्यवस्था प्रभावित न हो। इस अवसर पर बड़ी संख्या में बालगृह कर्मचारी उपस्थित रहे और उन्होंने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की।


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