कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 16 सितम्बर। लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं के द्वारा लोक निर्माण विभाग के प्रांगण में स्थित सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित किया गया।
विभाग द्वारा भारत के प्रसिद्ध सिविल इंजीनियर सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती 15 सितंबर को इंजीनियर्स डे के रूप में मनाया जाता है। इस जयंती में समारोह में कार्यपालन अभियंता ए आर मरकाम एवं अनविभागीय अधिकारी आर एन उसेंडी एस के सरदार जीवन नेताम इंजीनियर प्रमोद नेताम हरीश नेताम गुलशन ठाकुर ऐश्वर्या लक्ष्मी ठाकुर जितेंद्र साहू आरके बाजपाई दीपक प्रधान जीएस सिवान लोकेश पत्र रमेश कश्यप परमेश्वर नेताम खेमेश्वर साहू हेमंत सरोज वीरेंद्र बघेल आर आर पटेल ठेकेदार ज्ञान सिंह चंदेल अमित पटेल मनीष देवांगन अजय लाल एवं लोक निर्माण विभाग के समस्त अधिकारी कर्मचारी गण उपस्थित रहे।
कार्यपालन अभियंता ए आर मरकाम एवं अनुविभागीय अधिकारी ने कहा कि सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया ने भारत की बांधों सडक़ों और उद्योगों को बेहतर बनाने में बेहतरीन योगदान दिया था, जिसके लिए उन्हें आज भी याद किया जाता है। सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्म 15 सितंबर 1861 को कर्नाटक के चिक्का बल्लापुर जिले में हुआ था उन्हें भारतीय इंजीनियरिंग जगत में क्रांति के लिए याद किया जाता है। कर्नाटक का प्रसिद्ध कृष्णा राज सागर बांध हैदराबाद के लिए बाढ़ नियंत्रण योजना और स्वचालित स्लूइस गेट की अविष्कार के रूप में इनकी पहचान है। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत में भी काम किया। वर्ष 1912 से 1918 तक वे मैसूर रियासत की दीवान रहे, जहां उन्होंने शिक्षा रेलवे और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा दिया। देश के लिए उनके द्वारा किए गए योगदान के लिए भारत सरकार ने 1955 में उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।


