कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोंडागांव, 1 सितंबर। कोंडागांव जिले के नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में अधूरे विकास कार्यों की एक और बानगी सामने आई है। उच्च प्राथमिक शाला बावड़ी में अध्ययनरत तोड़म गांव के स्कूली बच्चे हर दिन जान हथेली पर रखकर छेरीबेड़ा नदी पार करने को मजबूर हैं। प्रशासन की अनदेखी और अधूरे पुल निर्माण ने इन मासूम बच्चों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है।
ग्रामीणों द्वारा साझा किए गए तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि बच्चे एक छोटी सी नाव के सहारे उफनती नदी को पार करते हुए स्कूल जाते हैं। बारिश के मौसम में नदी का बहाव और भी तेज हो जाता है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। कई बार तो उफनती नदी के कारण बच्चों को स्कूल जाना ही छोडऩा पड़ता है, जिससे उनकी शिक्षा पर भी गहरा असर पड़ता है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि छेरीबेड़ा नदी पर पुल निर्माण की प्रक्रिया वर्षों से अधूरी पड़ी है। शासन-प्रशासन को कई बार अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यह न सिर्फ बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है, बल्कि क्षेत्रीय विकास की अनदेखी का एक बड़ा उदाहरण भी है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द पुल निर्माण कार्य को पूरा किया जाए ताकि बच्चों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध हो सके और उन्हें शिक्षा से वंचित न रहना पड़े। इस मुद्दे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह प्रशासन की एक बड़ी विफलता मानी जाएगी। क्षेत्रीय प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे इस समस्या का संज्ञान लें और जल्द समाधान सुनिश्चित करें।


