कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 23 अगस्त। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय कोण्डागांव के डीएनके मैदान में अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में जिलेभर के शासकीय कर्मचारी शामिल हुए।
धरना के बाद कर्मचारियों ने रैली निकाली, जो टेलीफोन एक्सचेंज चौक, मंडी मार्ग, बाजार परिसर, जय स्तंभ चौक, मस्जिद चौक और बस स्टैंड होते हुए तहसील कार्यालय चौक पहुँची। यहाँ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम एसडीएम अजय उरांव को ज्ञापन सौंपा गया। इसके पश्चात रैली पुन: धरना स्थल लौट आई।
ज्ञापन में कर्मचारियों ने लंबित डीए (महंगाई भत्ता), एरियर भुगतान, वेतन विसंगति दूर करने, लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य व महिला बाल विकास विभाग के कर्मचारियों की वेतन विसंगति रिपोर्ट सार्वजनिक करने, चार स्तरीय वेतनमान (8, 16, 24 व 32 वर्ष) लागू करने जैसी माँगें रखीं। इसके साथ ही सहायक शिक्षक व सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को समयमान वेतनमान, नगरीय निकाय कर्मियों को नियमित वेतनमान, अन्य भाजपा शासित राज्यों की तरह कैशलेस चिकित्सा सुविधा, संविदा व दैनिक वेतनभोगी कर्मियों का नियमितीकरण, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना व पेंशन लाभ, महिला कर्मचारियों के प्रसूति अवकाश की अवधि 300 दिन करने और सुरक्षित सेवा शर्तों की माँग शामिल रही।
फेडरेशन पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेशभर के 120 मान्यता प्राप्त एवं गैर मान्यता प्राप्त संगठनों से जुड़े लाखों कर्मचारी लामबंद हैं। 22 अगस्त से क्रमिक कार्यबंद आंदोलन की शुरुआत की गई है और यदि सरकार ने शीघ्र समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। आंदोलन में शामिल पदाधिकारियों ने कहा कि चुनाव के दौरान कर्मचारियों से वादे किए गए थे कि मोदी को दिखाकर वोट माँगा गया और 100 दिन में माँगें पूरी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक किसी वादे को पूरा नहीं किया गया।


