कोण्डागांव
बदबू, फसल नुकसान और मवेशियों की मौत का आरोप
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 13 अगस्त। कोण्डागांव जिला के कोकोड़ी गांव में मक्का एथेनॉल प्लांट के संचालन को लेकर मंगलवार सुबह भारी तनाव पैदा हो गया। ग्रामीणों ने मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी समिति मर्यादित के प्लांट का घेराव कर दिया और इसे बंद करने की जोरदार मांग उठाई। घटना की सूचना पाकर जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट के ट्रायल संचालन के तुरंत बाद से गांव में तेज बदबू फैलनी शुरू हो गई और खेतों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुईं। कई किसानों ने दावा किया कि, फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। ग्रामीणों का यह भी दावा है कि, प्लांट से निकले प्रदूषित तत्वों के कारण तीन मवेशियों की मौत हो चुकी है, कई लोग बीमार पड़े हैं। खेतों में पहले मौजूद जैव विविधता केंचुए, मेंढक, सांप और मछलियाँ अब नहीं दिख रही हैं, जबकि तालाब, खेत, पास से बहने वाला नाला में भी प्रदूषण के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, ग्रामीणों ने यह स्थिति चिन्ता जनक बताई।
प्लांट के विरोध में सैकड़ों महिलाएँ और पुरुष एकत्रित हुए और उन्होंने प्लांट संचालन के खिलाफ नारेबाज़ी की। भीड़ की बढ़ती संख्या को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कौशलेंद्र देव पटेल और एसडीएम अजय उराव सहित प्रशासनिक अधिकारी घटना स्थल पर उपस्थित रहे और मामला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास करते हुए ग्रामीणों की बात सुनते दिखे।
मक्का एथेनॉल प्लांट के महाप्रबंधक सत्यनारायण शुक्ला ने बताया कि, प्लांट का ट्रायल रन 8 जुलाई से चल रहा है और इस दौरान कुछ तकनीकी खामियों के कारण समस्याएँ आ रही हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि ट्रायल के दौरान उत्पन्न समस्याओं का प्रभाव ग्रामीणों को झेलना पड़ रहा है और कहा कि, तकनीकी खामियों को दूर किए जाने तक तात्कालिक रूप से प्लांट बंद रखा जा रहा है। शुक्ला ने यह भी कहा कि सुधार के बाद ही प्लांट को पुन: संचालित किया जाएगा।
ज्ञात हो कि यह पहली बार नहीं है जब कोकोड़ी गांव लोग प्लांट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। पिछले दिनों स्थानीय स्तर पर प्लांट से निकले गंदे पानी और तेज बदबू को लेकर ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन किए थे। आज की घटना से स्पष्ट है कि स्थानीय प्रशासन और प्लांट प्रबंधन के बीच समस्या का त्वरित और ठोस समाधान न होने पर तनाव और बढ़ सकता है।
एक नजर इधर भी
कोण्डागांव जिले के कोकोड़ी गांव में प्रदेश का पहला मक्का-आधारित एथेनॉल प्लांट माँ दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी समिति मर्यादित द्वारा स्थापित हुआ जिसका 8 जुलाई से ट्रायल शुरू हुआ हैं। राज्य सरकार के समर्थन से 140 करोड़ रुपए की लागत से बना यह प्लांट प्रतिदिन 200 मीट्रिक टन मक्का का प्रसंस्करण कर 80,000 लीटर एथेनॉल बनाने में सक्षम है। यह योजना 45,000 किसानों को लाभान्वित करने की उम्मीद पर आधारित हैं, साथ ही प्रत्यक्ष रोजगार के रूप में लगभग 200 लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य था।लेकिन अब इस योजना के कारण ग्रामीणों और किसानों के बीच व्यापक आक्रोश जन्म ले चुका है, प्लांट से निकल रहा दूषित जल सीधे खेतों में पहुँच रहा है, जिससे फसलें चौपट हो रही हैं और खेती-बाड़ी का पारिस्थितिक संतुलन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। खेतों में पहले पाये जाने वाले केंचुए, मेंढक, सांप, मछलियां सब लुप्त हो गए हैं, साथजा ही तीन मवेशियों की मौत, कई लोग बीमार भी बताये जा रहे हैं। यह पहला मौका नहीं है प्लांट के संचालन के बाद ग्रामीण पहले भी प्रदूषण और गंदगी के कारण विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं।


