कोण्डागांव
नारंगी नदी घाट से कोपाबेड़ा शिवालय तक कांवरियों का जत्था निकला
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 4 अगस्त। श्रावण मास के अंतिम सोमवार को जिला मुख्यालय कोण्डागांव सहित आस-पास के क्षेत्रों में धार्मिक आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। सुबह से ही जिले के प्रमुख शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिसमें सबसे विशेष दृश्य नारंगी नदी घाट और कोपाबेड़ा शिवालय के बीच देखने को मिला।
हर वर्ष की तरह इस बार भी कांवरियों का सबसे बड़ा जत्था नारंगी नदी घाट से जल भरकर पैदल यात्रा करते हुए कोपाबेड़ा महादेव मंदिर पहुंचा। नारंगी नदी घाट पर पहले पूजा-अर्चना कर श्रद्धालु गंगाजल तुल्य जल अपने कांवर में भरते हैं और हर-हर महादेव के जयकारों के साथ यात्रा प्रारंभ करते हैं। इस धार्मिक यात्रा में कोण्डागांव विधायक लता उसेंडी, पूर्व मंत्री मोहन मरकाम, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रमुख, पंडितगण तथा सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। उन्होंने कांवरियों का स्वागत कर सेवा कार्यों में भाग लिया।
इस दौरान एक विशेष आकर्षण महादेव की पालकी यात्रा रही, जो नारंगी नदी घाट से प्रारंभ होकर कांवरियों के साथ कोपाबेड़ा शिवालय तक पहुंची। यह दृश्य मानो भक्त और भगवान के मेल का जीवंत चित्र बन गया।
पालकी यात्रा के साथ ढोल-नगाड़ों की गूंज, मंत्रोच्चारण और भजनों की ध्वनि वातावरण को भक्तिमय बनाए हुए थी। कोपाबेड़ा मंदिर में कांवरिए जलाभिषेक कर भगवान शिव से अपने और अपने परिवार के कल्याण की कामना करते देखे गए।
मंदिर प्रांगण में भक्तों के लिए विशेष दर्शन, जलपान और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की गई थी। श्रावण मास के अंतिम सोमवार पर इस प्रकार की आयोजन ना केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक समरसता और स्थानीय परंपराओं को जीवित रखने का माध्यम भी बन चुका है।


