कोण्डागांव

कोकोड़ी में मक्का प्रसंस्करण प्लांट बना किसानों के लिए संकट, दूषित जल से फसलें बर्बाद, मछलियां मर रहीं
31-Jul-2025 10:29 PM
कोकोड़ी में मक्का प्रसंस्करण प्लांट बना किसानों के लिए संकट, दूषित जल से फसलें बर्बाद, मछलियां मर रहीं

-शंभू यादव

कोण्डागांव, 31 जुलाई (‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता) कोण्डागांव जिला मुख्यालय से लगे कोकोड़ी गांव में स्थापित मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी समिति मर्यादित का मक्का प्रसंस्करण प्लांट इन दिनों किसानों के लिए मुसीबत का कारण बनता जा रहा है। जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ सरकार के मार्गदर्शन में स्थापित यह प्लांट अभी पूरी तरह से प्रारंभ नहीं हुआ है, लेकिन इसके प्रारंभिक इथेनॉल टेस्टिंग के दौरान ही आसपास के सैकड़ों एकड़ खेतों में फसल को भारी नुकसान होने लगा है। इस पूरे मामले पर छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किसानों की समस्या पर विवादास्पद  बयान दिया है।

स्थानीय किसानों का आरोप है कि प्लांट से निकलने वाला दूषित जल उनके खेतों तक पहुंच रहा है। इससे न केवल धान की खड़ी फसल मुरझाने लगी है, बल्कि खेतों और जल स्रोतों में पाई जाने वाली प्राकृतिक जैवविविधता जैसे केंचुआ, मेंढक, मछली और सांप भी मर रहे हैं। इस पर्यावरणीय क्षति और आजीविका के संकट ने किसानों को हताश कर दिया है।

किसान मनहेर पोयाम जो मछली पालन करते हैं, बताते हैं कि दूषित जल तालाब में आने से मछलियां मरने लगी हैं। चंदर नेताम का धान पूरी तरह खराब हो गया और जब दोबारा बोआई की गई, वह भी नष्ट होने के कगार पर है।

रायपाल नेताम, नेहरू पोयाम, कांति नेताम, मानसिंह पोयाम और जुगधर नेताम जैसे दर्जनों किसान अपनी पूरी फसल चौपट होने की बात कह रहे हैं। वे इस स्थिति के लिए प्लांट से निकले अपशिष्ट को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

इस गंभीर स्थिति पर जब कृषि मंत्री रामविचार नेताम से कोण्डागांव में सवाल किया गया, तो उन्होंने किसानों के दर्द को समझने की बजाय प्लांट की प्रशंसा करते हुए विवादास्पद बयान दे डाला। मंत्री नेताम ने कहा, जहां फैक्ट्री लगता है, वहां स्वाभाविक है कि जिनका खेत जाता है, उन्हें तकलीफ होती है। लेकिन उसकी भरपाई के लिए सरकार गंभीर है। अभी यूनिट पूरी तरह प्रारंभ नहीं हुआ है, होने दीजिए।

 फिलहाल, कोण्डागांव के किसान सरकार की ओर उम्मीद लगाए बैठे हैं मुआवजे, न्याय और पर्यावरण सुरक्षा के लिए।


अन्य पोस्ट