कोण्डागांव
एसडीएम ने कहा गलत हुआ है होगी कार्रवाई
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
केशकाल/फरसगांव, 18 जून। केशकाल विधानसभा अंतर्गत फरसगांव नगर पंचायत में सरकारी अफसरों की मनमानी और लापरवाही का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है । जहां एसडीएम कार्यालय से महज 200 मीटर दूर स्थित वार्ड क्रमांक 5 सीटीओ कॉलोनी के शासकीय आवासों में वर्षों से निवासरत रिटायर्ड व स्थानांतरित कर्मचारियों व उनके परिवारों को मकान खाली करवाने की बजाए उन्हें शासकीय भूमि का निजी पट्टा दे दिया गया है।
अब यहां मामला तूल पकडऩे लगा है, नगरवासियों ने इसके खिलाफ आवाज उठाई है। फरसगांव एसडीएम ने अब जल्द से जल्द मामले की जांच करवा कर उचित वैधानिक कार्रवाई करने की बात कही है ।
ज्ञात हो कि शासकीय भूमि का निजी पट्टा बना देना पूरी तरह नियमों के विपरीत है। ऐसे में तत्कालीन अधिकारियों की इस बड़ी चूक पर शासन प्रशासन का ध्यानाकर्षण करवाने के लिए ‘छत्तीसगढ़’ फऱसगांव पहुंची थी। नगर का वार्ड क्रमांक 5 जिसे सीटीओ कॉलोनी के नाम से जाना जाता है। यहां दर्जनों शासकीय आवास हैं, जिसे सरकारी कर्मचारियों को आबंटित किया गया है।
पूर्व एसडीएम के आदेश पर कुछ महीने पहले इन आवासों का सर्वे हुआ था, जिसमें यह पता चला कि जिसके नाम से आवास आबंटित हुआ है वह कर्मचारी रिटायर, स्थानांतरित या दिवंगत हो चुके हैं। उसके बावजूद उनका परिवार वर्षों से शासकीय आवासों में निवासरत है। लेकिन कोई अधिकारी इन घरों को खाली नहीं करवा रहे हैं।
सूचना का अधिकार में मिली जानकारी में खुलासा
जब शासकीय आवासों में निवासरत कर्मचारियों की जानकारी के लिए सूचना का अधिकार लगाया गया था तब वर्तमान एसडीएम के द्वारा विधिवत जानकारी दी गई। इस दरमियान मिली जानकारी में बड़ा खुलासा हुआ है । पहला मामला 1. श्री बिंझवार जो शिक्षा विभाग में भृत्य पद पर था वर्तमान में सेवानिवृत्त निवासरत है जिसे आवास क्रमांक 1, 2 का निजी पट्टा दे दिया गया है, 2. प्रहलाद पांडे शिक्षक जो 2011 से शासकीय आवास क्रमांक 17 में निवासरत है एवं पट्टा बनाया गया है, 3. उदित सोनी शिक्षक 18 व 19 में निवासरत है एवं पट्टा बनाया गया है, 4. जगदीश पांडे शिक्षक 2011 से निवासरत है एवं पट्टा बनाया गया है, 5. ठाकुर राम साहू जनपद पंचायत में भृत्य पद पर है जो कि 2011 से निवासरत है एवं पट्टा बनाया गया है, 6.के.के शुक्ला शिक्षक ब्लॉक कालोनी में निवासरत हैं आबंटित आवास का पट्टा बनाया गया है । साथ ही जिस कर्मचारी की मृत्यु हो गई है स्थानांतरण हो गया है व सेवानिवृत्त हो चुके हैं ऐसे परिवार आज भी उस शासकीय आवास में निवासरत है ।
शासकीय कर्मचारियों को निजी पट्टा
फरसगांव की पूर्व पार्षद संगीता पुजारी ने बताया कि वार्ड क्रमांक 5 में जिस प्रकार से सरकारी कर्मचारियों को निजी पट्टा बाँट दिया गया है यह पूरी तरह गलत है। सरकार गरीब जरूरतमंद लोगों को पट्टा न देकर सरकारी कर्मचारियों को पट्टा बांट रही है। हम इसका विरोध करते हैं और मांग करते हैं कि इस कालोनी के शासकीय आवासों के पट्टों को निरस्त किया जाए और पट्टा जारी करने वाले तत्कालीन अधिकारियों पर भी कड़ी कार्यवाही की जाए। क्योंकि कोई भी शासकीय कर्मचारी का एक निश्चित समय तक शासकीय आवास में रहना होता है लेकिन फरसगांव में इसके ठीक विपरीत है रिटायर्ड स्थानांतरण व मृत्यु होने के बावजूद भी आज पर्यन्त तक उनके परिवार इन शासकीय आवासों में कब्जा किया हुआ है।
‘छत्तीसगढ़’ के पास सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में यह स्पष्ट दर्शाया गया है कि आधा दर्जन लोगों को शासकीय आवास का निजी पट्टा दिया गया है और सेवा समाप्त व मृत्यु होने के बावजूद भी इन आवासों में आज पर्यंतक निवासरत है ।
इस संबंध में फरसगांव एसडीएम आश्वन पुसाम ने बताया कि फरसगांव में शासकीय भूमि का पट्टा जारी होने की शिकायत मिली है। हालांकि नियमानुसार यह पूरी तरह गलत है। हम इसकी जांच करवाएंगे और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी ।


