कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 17 मई। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश जिला कोण्डागांव इकाई द्वारा ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें पेंशनर्स से जुड़ी पांच प्रमुख मांगों को लेकर राज्य सरकार से तत्काल निर्णय लेने की अपील की गई है।
जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की एक विशेष धारा को विलोपित करने के लिए विधानसभा में सशक्त संकल्प पारित किया जाए, जिससे छत्तीसगढ़ सरकार को हो रहे 200 करोड़ रुपये से अधिक के वार्षिक नुकसान को रोका जा सके। इसके अलावा केंद्र सरकार की देय तिथि और दर के अनुसार मोदी की गारंटी के तहत पेंशनरों और उनके परिवारों को एरियर सहित डीआर (महंगाई राहत) देने का निर्णय कैबिनेट से पारित करने की मांग की गई।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पेंशन एवं भविष्य निधि संचालनालय की स्थापना के पश्चात अब संयुक्त संचालक पेंशन कार्यालय की भी शीघ्र स्थापना की जाए, जिससे पेंशन से संबंधित कार्यों का निष्पादन अधिक व्यवस्थित रूप से हो सके। इसके साथ ही पेंशनर्स को कैशलेस मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने हेतु तत्काल आदेश जारी करने की भी मांग की गई।
इस दौरान ज्ञापन सौंपने पहुंचे पेंशनर्स संगठन के जिला अध्यक्ष सुरेश घटोड़े, देवेंद्र सग्गू, जैनजी, पात्रेजी सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। उन्होंने राज्य सरकार से इन मांगों को शीघ्र स्वीकार कर पेंशनरों को राहत देने की अपील की।


