कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोंडागांव, 26 अप्रैल। शा. गुण्डाधुर स्नातकों. महा. कोंडागांव एम.एससी.प्राणाशास्त्र चतुर्थ एवं द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थी गुरुवार को प्राचार्य डॉ. सी.आर. पटेल के निर्देशन एवं विभागाध्यक्ष शोभाराम यादव, अतिथि व्याख्याता हितेंद्र वर्मा के नेतृत्व में कोपाबेड़ा कोंडागांव स्थित फिश फार्म का शैक्षणिक भ्रमण किया।
भ्रमण अवधि में फिश फॉर्म के सहायक मत्स्य अधिकारी योगेश कुमार देवांगन के द्वारा विद्यार्थियों को मत्स्य पालन हेतु आवश्यक अधोसंरचना सहित मत्स्य हेचरी के विभिन्न घटक यथा ओवर हेड टैंक, ब्रीडिंग पूल, स्पाइनिंग पूल, नर्सरी पूल, स्टॉकिंग तालाब एवं मत्स्य बीज के रूप में प्रयुक्त अंडा, फ्राई, फिंगरलिंग एवं वयस्क मत्स्य के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
मत्स्य पालन के लिए भौतिक रासायनिक कारक तालाब निर्माण, उनके रख रखाव, बीमारी के बचाव के तरीके मत्स्य भोजन, उनकी मात्रा, प्रेरित जनन के प्रयुक्त इंजेक्शन ओवाटाइड के खुराक, देने का समय इत्यादि के बारे में गहन जानकारी दी गई।
वर्तमान समय के बेरोजगारी की गंभीर समस्या को दृष्टिकत रखते हुए श्री देवांगन ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में छात्र छात्राओं से स्वरोजगार प्रारंभ करने के उद्देश्य से प्रेरित कर राज्य सरकार द्वारा इस क्षेत्र में उपलब्ध योजनाएं, अनुदान के बारे में रोजगार दायक जानकारी प्रदान कर आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया। विभागाध्यक्ष श्री शोभाराम यादव ने चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थीयो को कहा कि परीक्षा उपरांत इस दिशा में आवश्यक प्रयास करने पर बल दिया जिससे छात्र छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ साथ कुछ लाभार्जन हो सके।
फिश फार्म में जल का समुचित दोहन हेतु बहुत अच्छा प्रयास किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत सक्शन पम्प (चूसन पम्प) की सहायता से फिश फार्म में उपरी भाग में स्थित तालब के पानी का उपयोग फिश उत्पादन में किया जा रहा हैं जिसमे मोटर पम्प एवं बिजली की बचत कर ऊर्जा संरक्षण कि दिशा में एक अनुकरणीय प्रयास है।इस अवसर में हर्षवर्धन श्रीवास, सुष्मिता, चंचल, डिगेश्वरी, आंचल, संगीता नेताम, चंदा, तनु, दिशा, पंकज, नवरतन सेठिया, सियाराम,सपना, विनीता ठाकुर इत्यादि छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कोंडागांव, 26 अप्रैल। शा. गुण्डाधुर स्नातकों. महा. कोंडागांव एम.एससी.प्राणाशास्त्र चतुर्थ एवं द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थी गुरुवार को प्राचार्य डॉ. सी.आर. पटेल के निर्देशन एवं विभागाध्यक्ष शोभाराम यादव, अतिथि व्याख्याता हितेंद्र वर्मा के नेतृत्व में कोपाबेड़ा कोंडागांव स्थित फिश फार्म का शैक्षणिक भ्रमण किया।
भ्रमण अवधि में फिश फॉर्म के सहायक मत्स्य अधिकारी योगेश कुमार देवांगन के द्वारा विद्यार्थियों को मत्स्य पालन हेतु आवश्यक अधोसंरचना सहित मत्स्य हेचरी के विभिन्न घटक यथा ओवर हेड टैंक, ब्रीडिंग पूल, स्पाइनिंग पूल, नर्सरी पूल, स्टॉकिंग तालाब एवं मत्स्य बीज के रूप में प्रयुक्त अंडा, फ्राई, फिंगरलिंग एवं वयस्क मत्स्य के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
मत्स्य पालन के लिए भौतिक रासायनिक कारक तालाब निर्माण, उनके रख रखाव, बीमारी के बचाव के तरीके मत्स्य भोजन, उनकी मात्रा, प्रेरित जनन के प्रयुक्त इंजेक्शन ओवाटाइड के खुराक, देने का समय इत्यादि के बारे में गहन जानकारी दी गई।
वर्तमान समय के बेरोजगारी की गंभीर समस्या को दृष्टिकत रखते हुए श्री देवांगन ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में छात्र छात्राओं से स्वरोजगार प्रारंभ करने के उद्देश्य से प्रेरित कर राज्य सरकार द्वारा इस क्षेत्र में उपलब्ध योजनाएं, अनुदान के बारे में रोजगार दायक जानकारी प्रदान कर आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया। विभागाध्यक्ष श्री शोभाराम यादव ने चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थीयो को कहा कि परीक्षा उपरांत इस दिशा में आवश्यक प्रयास करने पर बल दिया जिससे छात्र छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ साथ कुछ लाभार्जन हो सके।
फिश फार्म में जल का समुचित दोहन हेतु बहुत अच्छा प्रयास किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत सक्शन पम्प (चूसन पम्प) की सहायता से फिश फार्म में उपरी भाग में स्थित तालब के पानी का उपयोग फिश उत्पादन में किया जा रहा हैं जिसमे मोटर पम्प एवं बिजली की बचत कर ऊर्जा संरक्षण कि दिशा में एक अनुकरणीय प्रयास है।इस अवसर में हर्षवर्धन श्रीवास, सुष्मिता, चंचल, डिगेश्वरी, आंचल, संगीता नेताम, चंदा, तनु, दिशा, पंकज, नवरतन सेठिया, सियाराम,सपना, विनीता ठाकुर इत्यादि छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


