कोण्डागांव
कोण्डागांव सीएमएचओ दफ्तर पहुंची जांच टीम
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 24 अप्रैल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में हुई वित्तीय और प्रक्रियागत अनियमितताओं को लेकर कोण्डागांव जिले के सीएमएचओ कार्यालय में 23 अप्रैल को रायपुर से आई विशेष जांच टीम ने दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की। यह जांच भाजपा विधायक लता उसेंडी द्वारा छत्तीसगढ़ विधानसभा में उठाए गए गंभीर आरोपों के बाद शुरू की गई है। विधानसभा में लता उसेंडी ने कोण्डागांव में हृ॥रू अंतर्गत टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के आरोप लगाए थे, जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मामले की जांच के आदेश दिए थे।
विशेष जांच दल ने मंगलवार को कोण्डागांव सीएमएचओ कार्यालय में पहुंचकर कुल 11 बिंदुओं के आधार पर दस्तावेजों और रिकॉर्ड्स की जांच प्रारंभ की। जांच के दौरान कार्यालय परिसर को आंशिक रूप से सील किया गया, और किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बाहर जाने या प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई। जांच दल का यह कड़ा रवैया, विभागीय पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अपनाया गया कदम माना जा रहा है।
विधायक लता उसेंडी ने बताया कि, विधानसभा में आरोप लगाया था कि वर्ष 2021-22 और 2022-23 में फ्लेक्स प्रिंटिंग जैसे कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया में धांधली की गई। उन्होंने बताया कि फ्लेक्स की दर 7 रुपये प्रति यूनिट होने के बावजूद 17 रुपये प्रति यूनिट की दर से भुगतान किया गया। साथ ही वाहनों की हायरिंग और अन्य मदों में भी वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि यह जानकारी उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त की है और सभी दस्तावेजों की प्रतियां स्वास्थ्य मंत्री को सौंप दी हैं। लता उसेंडी ने सीएमएचओ, डीपीएम सहित कई अधिकारियों पर जिम्मेदारी तय करते हुए उनके खिलाफ निलंबन की मांग की थी। इस मुद्दे को लेकर सदन में तीखी बहस हुई, जिसके बाद मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जांच का आश्वासन दिया और कहा कि यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच दल ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जब्त कर गहनता से अध्ययन शुरू कर दिया है। जिला स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर स्वास्थ्य महकमे में खलबली मची हुई है, और सभी की नजरें अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।


