कोण्डागांव

भाजपा नेता की कार से टक्कर, युवा कांग्रेस नेता की मौत
19-Apr-2025 1:09 PM
भाजपा नेता की कार से टक्कर, युवा कांग्रेस नेता की मौत

हत्या की आशंका में तनावपूर्ण हालात

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता 
कोण्डागांव, 19 अप्रैल।
सिटी कोतवाली कोण्डागांव के डोंगरीगुड़ा गांव के पास शुक्रवार को एक सडक़ हादसा हुआ है। सडक़ हादसे के बाद कोण्डागांव में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। 
दरअसल, सडक़ हादसा भाजपा नेता की कार के टक्कर से हुए है, तो वहीं हादसे में जिनकी मौत हुई है वो युवा कांग्रेस विधानसभा उपाध्यक्ष, मुलमुला पंचायत पंच और मुलमुला के सरपंच के देवर थे। हादसा उस वक्त हुआ, जब वे अपनी भाभी के साथ शादी के लिए सामान लेने कोण्डागांव आ रहा था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है। मामले की जांच जारी है।

शुक्रवार को हादसे की खबर फैलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में कांग्रेसी समेत पूर्व मंत्री मोहन मरकाम, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष देवचंद मतलब जिला अस्पताल पहुंच गए और अस्पताल के पास एनएच- 30 को जाम कर धरने पर बैठ गए। 

वहीं दूसरी ओर, परिजनों और कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को साजिशन हत्या करार दिया है और भाजपा नेता पुरेंद्र कौशिक को इसका जिम्मेदार ठहराया है। 
मृतक के भाई बबलू भोयर ने आरोप लगाते कहा कि पंचायत चुनाव के समय से ही आरोपी के साथ पुरानी रंजिश चल रही थी। पहले भी उनके भाई को जान से मारने की धमकियां मिल चुकी थीं। उन्होंने बताया कि उनका भाई और भाभी जब बाजार के लिए निकले थे, तभी डोंगरीगुड़ा के पास भाजपा नेता ने पीछे से तेज रफ्तार कार से टक्कर मार दी। बबलू ने यह भी आरोप लगाया कि जब मौका मिला, तो आरोपी ने जानबूझकर उनके भाई को कुचल दिया।

 

 

घटना के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मोहन मरकाम मौके पर पहुंचे। उन्होंने इसे एक सुनियोजित हत्या करार देते हुए कहा कि हमारे होनहार साथी और उनकी भाभी चंपी भोयर को जानबूझकर कुचला गया है। पहले से ही उनके पीछे पड़े हुए थे और हत्या करने का प्रयास कई बार किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने चक्काजाम कर थाने का घेराव किया, तब जाकर पुलिस हरकत में आई और आनन-फानन में आरोपी को हिरासत में लिया गया। मरकाम ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक दबाव डालकर डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता इससे डरने वाले नहीं हैं।

इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि पुलिस शुरुआत में आरोपी को बचाने के प्रयास में लगी रही और यहां तक कि कार बदलने की कोशिश भी की गई। 

हालांकि, एसडीपीओ ने इन आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और आरोपी को हिरासत में लिया गया। उन्होंने बताया कि मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है और जांच के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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