कोण्डागांव

बैसाखी पर विशेष कीर्तन दरबार और अरदास
14-Apr-2025 9:55 PM
बैसाखी पर विशेष कीर्तन दरबार और अरदास

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोंडागांव, 14 अप्रैल। गुरु सिंग सभा गुरुद्वारा कोंडागांव में रविवार को सिख समाज द्वारा बैसाखी का पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारे में विशेष कीर्तन दरबार और अरदास का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

आईटीबीपी के जवानों ने गुरुद्वारे में अखंड पाठ रखा। इसके बाद गुरु का अटूट लंगर में समाज के अलावा अन्य समाज के लोगों ने भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।

बैसाखी के पर्व को सिख धर्म में खालसा पंथ की स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। साथ ही यह पर्व किसानों के लिए भी विशेष महत्व रखता है, क्योंकि फसल कटाई के बाद वे इस दिन को खुशी से मनाते हैं।

समाज के लोगों ने सेवा भावना का परिचय देते हुए राहगीरों को शरबत पिलाया और प्रसाद वितरित किया।

सभी समुदायों के लोगों ने गुरुद्वारे पहुंचकर एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं और एकता, भाईचारे व सेवा भाव का संदेश दिया।

जलियांवाला बाग हत्याकांड शहीदों को भी किया याद

 (1919)13 अप्रैल 1919 को अमृतसर, पंजाब के जलि यांवाला बाग में यह भीषण हत्याकांड हुआ था। उस दिन बैसाखी का त्योहार था और बहुत से लोग वहां एक शांतिपूर्ण सभा में इक_ा हुए थे, जो रॉलेट एक्ट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।ब्रिटिश जनरल रेजिनाल्ड डायर ने बगैर किसी चेतावनी के वहां जमा निहत्थे लोगों पर गोली चलवा दी।करीब 1000 से अधिक लोग मारे गए और हजारों घायल हुए यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में एक टर्निंग पॉइंट साबित हुई। इस दिन को भारत में आज भी शोक और श्रद्धांजलि के रूप में भी  याद किया जाता है।

गुरुद्वारा समिति के सदस्यों ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी बैसाखी पर्व को सामाजिक सौहार्द और श्रद्धा के साथ मनाया गया। आयोजन के अंत में गुरुद्वारा परिसर में लंगर का आयोजन भी किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।


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