कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोंडागांव, 4 मार्च। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा एवं कोण्डागांव जिलाध्यक्ष ऋषिदेव सिंह ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बजट में शिक्षकों व कर्मचारियों को मार्च 2025 से 3 फीसदी महंगाई भत्ता देने की घोषणा स्वागतेय है, किन्तु मोदी जी के गारंटी के अनुरूप नहीं है । वित्त मंत्री छत्तीसगढ़ शासन ने बजट में कर्मचारियों के महंगाई भत्ता में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी करते हुए 53 फीसदी किया है। कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढऩा एक सतत प्रक्रिया है, जो कि कर्मचारी का मौलिक अधिकार भी है। यदि वित्त मंत्री जी मोदी की गारंटी अनुरूप कर्मचारियों का वर्ष 2019 से महंगाई भत्ता की एरियर राशि को सीजीपीएफ में जमा किया जाना था। शिक्षक व कर्मचारियों की भर्ती व शिक्षा उन्नयन के लिए पीएमश्री शाला उन्नयन की घोषणा सकारात्मक है।
एल बी संवर्ग के शिक्षकों को पेंशन हेतु पूर्व सेवा की गणना करने व सरकार से मोदी जी के गारंटी के तहत सहायक शिक्षकों के वेतन विसंगति दूर करने, समस्त एल बी संवर्ग को क्रमोन्नत/समयमान वेतनमान प्रदान करने, शिक्षक समतुल्य वेतनमान (पुनरीक्षित वेतनमान ) में सही वेतन का निर्धारण कर 1.86 के गुणांक वेतन निर्धारण करने सहित कैशलेश चिकित्सा सुविधा की उम्मीद थी जो पूरी नही हुई जिससे शिक्षकों में उत्साह नहीं है।


