कोण्डागांव

जिपं में भाजपा-कांग्रेस बराबरी पर, दोनों ने किया अध्यक्ष पद पर दावा
27-Feb-2025 10:59 PM
 जिपं में भाजपा-कांग्रेस बराबरी पर, दोनों ने किया अध्यक्ष पद पर दावा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोण्डागांव, 27 फरवरी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 के नतीजे सामने आने के बाद कोण्डागांव जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जिला पंचायत चुनाव में भाजपा और कांग्रेस को बराबर-बराबर 6-6 सीटें मिली हैं, जिससे अध्यक्ष पद को लेकर दोनों दलों के बीच खींचतान शुरू हो गई है।

 हालांकि, छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ भाजपा ने स्पष्ट रूप से दावा किया है कि जिला पंचायत अध्यक्ष उनका ही बनेगा। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मनोज जैन ने कहा कि कांग्रेस में गुटबाजी और आंतरिक कलह के चलते वह अपने सदस्यों को एकजुट नहीं रख पाएगी, जिसका लाभ भाजपा को मिलेगा।

जनपद पंचायतों की बात करें तो यहां भाजपा का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला है। कोण्डागांव जनपद पंचायत में कुल 25 सीटों में से भाजपा ने 17 पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को केवल 8 सीटें मिलीं। माकड़ी जनपद पंचायत में भाजपा ने 12 और कांग्रेस ने 4 सीटें जीतीं, जबकि फरसगांव में 20 में से 14 सीटों पर भाजपा का कब्जा हुआ और कांग्रेस को 6 सीटें मिलीं। केशकाल और विश्रामपुरी (बड़ेराजपुर) जनपद पंचायतों में मुकाबला अपेक्षाकृत कड़ा रहा, जहां भाजपा को क्रमश: 9-9 और कांग्रेस को 8-8 सीटें मिलीं। इन परिणामों के आधार पर भाजपा ने पूरे जिले में अपनी स्थिति मजबूत बताई है और जिला पंचायत के अध्यक्ष पद पर दावा ठोका है।

भाजपा का मानना है कि कांग्रेस के कई निर्वाचित सदस्य असमंजस की स्थिति में हैं और उनकी निष्ठा बदल सकती है। भाजपा नेताओं का दावा है कि कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी और कमजोर संगठनात्मक स्थिति का सीधा फायदा उन्हें मिलेगा और जरूरी बहुमत जुटाकर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर उनका ही उम्मीदवार काबिज होगा।

वहीं, कांग्रेस जिला महामंत्री गीतेश गांधी ने कहा कि कोण्डागांव जिला पंचायत में पहले भी कांग्रेस का ही वर्चस्व था और इस बार भी कांग्रेस से ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुने जाएंगे।

उन्होंने दावा किया कि भाजपा भले ही अपने सदस्यों को जोडऩे की कोशिश कर रही हो, लेकिन कांग्रेस के सभी निर्वाचित सदस्य पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं और उनकी स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट है।

अब आगे की राजनीति इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों दल किस तरह समीकरण साधते हैं और निर्दलीय अथवा असंतुष्ट प्रत्याशियों को अपने पक्ष में करने में कौन सफल होता है। कोण्डागांव जिला पंचायत की यह सियासी जंग दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है।

जहां अगले कुछ दिनों में तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी कि अध्यक्ष पद किसके हाथ में जाएगा।


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