कोण्डागांव

गांजा तस्कर को दस साल की सजा
19-Dec-2021 9:47 PM
गांजा तस्कर को दस साल की सजा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 19 दिसंबर।
प्रकरण के संबंध में लोक अभियोजक दिलीप जैन ने बताया कि 19 अप्रैल 2018 को  आरोपी ताराचंद बंजारा (25) वर्ष निवासी कोतबा झिंगरेल पारा थाना बाकबहार जिला जशपुर व मुख्तार अंसारी (23) वर्ष निवासी दबगडी बरबसपुर थाना प्रतापपुर जिला सूरजपुर, और संर्कीतन यादव (35) वर्ष निवासी ग्राम कोतवा थाना चौकी कोतवा जिला जशपुर आरोपियों को गांजा तस्करी में आरोपीगण को दस दस वर्ष की कारावास सजा।

मुखबिर की सूचना पर एक सफेद रंग स्कॉर्पियों क्र सीजी 14 एमजी 0884 में तीन व्यक्ति जगदलपुर से फरसगांव व रायपुर की ओर अवैध मादक पदार्थ गांजा परिवहन कर रहे थे विवेचक स्वयं कार्रवाई हेतु हमराह स्टॉफ के साथ विवेचना किट आदि लेकर गवाहों के साथ थाना फरसगांव के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर नाकाबंदी किया। जहां करीब दो बजे मुखबीर के बताए अनुसार संदिग्ध वाहन स्कॉर्पियों कोण्डागांव की ओर से आते दिखी जिसे घेराबंदी कर पकडा गया।

उक्त वाहन में चालक सीट में बैठे व्यक्ति ने अपना नाम ताराचंद बंजारा, संर्कीतन यादव, एवं पीछे सीट में बैठे व्यक्ति ने अपना नाम मुख्तार अंसारी होना बताया। आरोपीगण एवं वाहन की तलाशी की कार्रवाई की गई तो वाहन के बीच सीट के नीचे एवं डिक्कीे में 20 पैकेट अवैध मादक पदार्थ गांजा सफेद रंग के पालीथीन बैग में रखा हुआ बरामद हुआ। जिससे तौल करने पर कुल वजन 106. 66 किलोग्राम पाया गया जिसे गवाहों के समक्ष जप्त कर सीलबंद किया गया। आरोपीगण के कब्जे से स्कॅार्पियों वाहन, दो नग मोबाईल, आधारकार्ड, ड्रायविंग लायसेंस, नगद 100000 रुपए जप्त किया गया। थाना फरसगांव आकर देहाती नालसी रिपोर्ट प्रस्तुत किया जिसके आधार पर थाना फरसगांव में आरोपीगण के विरूद्ध धारा 20 ख एनडीपीएस एक्ट का प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया। आरोपीगण के विरूद्ध चालानी कार्रवाई योग्य पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने से अभियोग पत्र तैयार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

कोण्डागंाव के न्यायाधीश सुरेश कुमार सोनी ने प्रकरण का विचार कर आरोपीगण ताराचंद बंजारा एवं मुख्तार अंसारी को धारा 20 ख 2 स स्वापक औषधी एवं मन प्रभावी पदार्थ अधिनियम  के आरोप में दस दस वर्ष के सश्रम करावास एवं 100000, 100000 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड की राशि अदा नही होने के व्यतिक्रम पर एक एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास पृथक से भुगतना होगा। इस प्रकरण में शासन की ओर से दिलीप जैन लोक अभियोजक ने पैरवी की।


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