कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 10 दिसंबर। जिले के सोनाबाल निवासी 40 वर्षीय महिला विगत छ: महीनों से लगातार पेट के दर्द से परेशान रही थी। जिसे उनके द्वारा पूर्व में सामान्य पेट का दर्द समझकर अनदेखा कर दिया गया था, परंतु समय के साथ उनकी पीड़ा बढ़ती गई। जिसके पश्चात् उनके द्वारा परिजनों के साथ जिला अस्पताल में पेट संबंधी विकारों हेतु जांच कराई गई थी। जिसमें चिकित्सकों द्वारा उन्हें उनके गर्भाशय की दीवारों पर गांठे होने के संबंध में जानकारी दी गई थी।
गर्भाशय की गांठों के उपचार हेतु परिवार के नजदीकी एक चिकित्सक द्वारा जिला अस्पताल आरएनटी में सर्व सुविधाओं एवं प्रशिक्षित डॉक्टरों के द्वारा गुणवत्तापूर्ण उपचार होने के संबंध में जानकारी देते हुए जिला अस्पताल में ही नि:शुल्क उपचार की सुविधा का लाभ लेने की सलाह दी गई। जिस पर महिला एवं परिजनों द्वारा जिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लिया गया। और गर्भाशय की गांठों को निकालने हेतु सफल ऑपरेशन किया गया।
इस संबंध में स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. ऐश्वर्या रेवाडक़र ने बताया कि महिला के प्राथमिक परीक्षण के बाद पाया गया कि महिला में एनिमिया के लक्षण होने के कारण उनमें खून की कमी थी, साथ ही उनके गर्भाशय की गांठ का आकार लगातार बढ़ते जाने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, जिसे देखते हुए डॉक्टरों द्वारा तुरंत उपचार का निर्णय लिया गया।
महिला के एनिमिक होने से ऑपरेशन करना और भी जटिल हो गया था। ऐसे में महिला को पूर्व में तीन यूनिट ब्लड प्रदान कर उनकी स्थिति की दो दिनों तक निरीक्षण किया गया। पुन: परीक्षण के उपरांत सीएमएचओ डॉ टीआर कुंवर एवं सिविल सर्जन डॉ संजय बसाख के नेतृत्व में गठित डॉक्टरों के दल द्वारा महिला का उपचार किया गया। जिसमें महिला के गर्भाशय से लगभग 20 सेमी आकार एवं दो किग्रा वजन के गांठ को निकाला गया।
सीएमएचओ सहित समस्त चिकित्सा अधिकारियों द्वारा दल को सफल ऑपरेशन हेतु बधाई दी गई। इस दल में स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. ऐश्वर्या रेवाडक़र, डॉ. माधव पटेल, निश्चेतक डॉ, तिवारी सहित स्टॉफ नर्स एवं अन्य चिकित्साकर्मी मौजूद रहे।


