कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 19 नवंबर। मोतियाबिंद मुक्त कोण्डागांव अभियान के तहत् अब तक 606 मोतियाबिंद के मरीजों का उपचार जिला अस्पताल में किया जा चुका है। 10 वर्षीय यमुना को जीवन की नई रौशनी मिली।
जिला अंतर्गत फरसगांव ब्लॉक के आलीबेड़ा गांव के एक परिवार में तीन बेटीयों में जन्म से ही विलक्षण जन्मजात मोतियाबिंद की शिकायत पाई गई थी। तीनों बहनें इस बीमारी के कारण जन्म से ही देखने में असक्षम थीं। जिसे देखते हुए सीएमएचओ डॉ. टीआर कुंवर के निर्देश पर तीनों बहनों को जिला अस्पताल में नेत्र की जांच कर उपचार हेतु लाया गया।
तीनों बहनों में से दो बड़ी बहनों वंदना मरकाम(17) सविना मरकाम (14) जिससे इनका इलाज विगत माह में नेत्र सर्जन डॉ. कल्पना मीणा के द्वारा आसानी से सफलतापूर्वक सम्पन्न कर लिया गया था, परंतु सबसे कम (10) यमुना मरकाम की आयु कम होने के कारण उनके इलाज में कठिनाएं आ रही थीं।
डॉक्टरों के दल द्वारा यमुना का ऑपरेशन किया गया, ऑपरेशन सफल रहा। नेत्र सर्जन सहित नेत्र विशेषज्ञ सोनू सेठी निश्चेतना डॉ. राहुल तिवारी डॉ. अनिल देवांगन नेत्र सहायक अधिकारी अनिल वैध अशोक कश्यप स्टॉफ नर्स नंदा शील आरती महानंद अभिलाषा मरकाम परमेश्वर साहू पिंकी साहू द्वारा ऑपरेशन में सहयोग किया गया।
जिले में 14 से 20 नवम्बर तक मनाया जा रहा है बाल नेत्र सुरक्षा सप्ताह जिले में 14 से 20 नवम्बर तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाल नेत्र सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है। जिसके तहत् सभी विकासखण्डों के नेत्र सहायक अधिकारियों द्वारा स्कूलों में जाकर बच्चों का नेत्र परीक्षण किया जा रहा है। जिसमें नेत्र संबंधी विकारों की जांच कर सम्भव इलाज तुरंत प्रदान किया जा रहा है, साथ ही दृष्टि दोष पाये जाने पर उन्हें नि:शुल्क चश्मा प्रदान किया जाएगा।


