कोण्डागांव
सुदूर सीमावर्ती गांवों के आंगनबाड़ी केन्द्रों का जिला अधिकारी करेंगे निरीक्षण
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 1 अक्टूबर। गुरूवार को कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने जिले के समस्त महिला बाल विकास विभाग के सीडीपीओ एवं सुपरवाईजरों की समीक्षा बैठक बुलाई। इस बैठक में कलेक्टर ने कई आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यकर्ताओं द्वारा नियमित रूप से केन्द्र न खोले जाने की शिकायतों पर नाराजगी जाहिर करते हुए सभी अधिकारियों को अपने क्षेत्रों के ग्राम पंचायतों में जाकर आंगनबाड़ी केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण करने को कहा। इसके अतिरिक्त उन्होंने सुदूर सीमावर्ती, पहुंचविहीन एवं संवेदनशील ग्रामों में सुपोषण कार्यक्रम के संचालन को प्राथमिकता देते हुए इन क्षेत्रों में महीने में एक बार सभी आंगनबाडिय़ों के आकस्मिक निरीक्षण हेतु सीडीपीओ एवं डीपीओ को निर्देशित किया।
इस अवसर पर कलेक्टर ने कार्यक्षेत्र से बाहर निवास करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिये आदेश जारी कर उन्हें तीन दिवस के भीतर अपने ग्राम पंचायत में ही निवास करने को निर्देश देने को कहा एवं तीन दिवस के पश्चात् भी यदि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्राम में निवास नहीं करती हैं तो उनपर सख्त कार्यवाही करने के लिए कलेक्टर ने निर्देश दिये। इस हेतु ऐसी कार्यकर्ताओं की सूची सुपरवाईजरों द्वारा जानकारी प्राप्त कर विभाग द्वारा तैयार कर कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत की जायेगी।
जर्जर आंगनबाड़ी की सूची होगी तैयार
इस दौरान कलेक्टर ने जर्जर आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति के अनुसार विभाग द्वारा सूची निर्मित कर प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्र जो अत्यंत जर्जर हैं वहां तत्काल संचालन प्रतिबंधित कर अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर इसकी जानकारी अधिकारियों को देवें साथ ही बैठक मेंएनआरसी केन्द्रों में कुपोषित बच्चों को लाकर उपचार कराने, सुपरवाईजरों के टीए डीए, क्षतिग्रस्त शौचालयों, कुपोषण की स्थिति पर भी चर्चा की गई। जिसमें कलेक्टर द्वारा डीएमएफ मद से वजन नापने की मशीनों की खरीदी पर हो रहे विलम्ब पर नाराजगी जाहिर करते हुए एक सप्ताह के भीतर खरीदी पूर्ण करने के निर्देश दिये।


