कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 12 सितंबर। जिला के जनपद फरसगांव अंतर्गत वन अधिकार समिति कारागांव के अंतर्गत शामिल भानपुरी, मोहपाल और कारागांव के ग्रामीणों का एक समूह कोण्डागांव कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के लिए पहुंचा।
यहां पहुंचे ग्रामीणों ने 12 सितंबर को जानकारी दी कि, सोड़मा के सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र के विरुद्ध 8 अक्टूबर 2020 को संयुक्त रूप से भानपुरी, मोहपाल और कारागांव ने आपत्ति दर्ज करवाते हुए पत्र दिया था, जिस पर अब तक विचार नहीं किया गया है। सोड़मा के द्वारा गलत तरीके से अपना दावा प्रस्तुत किया गया है।
वन अधिकार समिति कारागांव के अुनसार, ग्राम सोड़मा के सामुदायिक वन संसाधन अधिकार दावा पर सीमावर्ती ग्राम भानपुरी, मोहपाल और कारागांव ने 8 अक्टूबर 2020 को संयुक्त रूप से लिखित आपत्ति दर्ज करवाया था, जिसके संबंध में आज तक किसी प्रकार की सूचना नहीं मिली है। इस क्षेत्र का सामुदायिक वन अधिकार पत्र सोड़मा को दिया हुआ है। वह क्षेत्र रूदी जन्य परम्परागत सीमा भानपुरी, मोहपाल और कारागांव के अंतर्गत आता है। इसके चलते ग्रामीणों ने गुहार लगाई कि ग्राम सोड़मा का बना हुआ संसाधन अधिकार पत्र वन अधिकार कानून 2006 व 2008 और यथा संशोधित नियम 2012 के कानून का उल्लंघन करते हुए दावा तैयार किया गया है। ग्राम भानपुरी, मोहपाल और कारागांव का दावा स्वीकार के लिए आवेदन किया गया है।


