कोण्डागांव

कवि व रंगकर्मी योगेंद्र देवांगन के व्यक्तित्व व कृतित्व पर चर्चा, काव्य गोष्ठी
06-Sep-2021 8:35 PM
  कवि व रंगकर्मी योगेंद्र देवांगन के व्यक्तित्व व कृतित्व पर चर्चा, काव्य गोष्ठी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोंडागांव, 6 सितंबर। शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पेंशनर्स भवन कोण्डागांव में लाला जगदलपुरी स्मृति साहित्य, संस्कृति शोध संस्थान और हिंदी साहित्य भारती जिला इकाई के संयुक्त तत्वावधान में कवि व  रंगकर्मी योगेंद्र देवांगन के व्यक्तित्व व कृतित्व पर चर्चा की गई।

रंगकर्मी योगेन्द्र देवांगन की पत्नी मध्लिका देवांगन के मुख्यातिथ्य, हिंदी साहित्य भारती जिला कोण्डागांव अध्यक्ष उमेश मंडावी के विशिष्ट आतिथ्य में योगेंद्र देवांगन के पुरखा के सूरता कार्यक्रम अंतर्गत व्यक्तित्व व कृतित्व पर चर्चा हुई। वरिष्ठ साहित्यकार हरेंद्र यादव ने कवि योगेंद्र देवांगन को बेहद अनुशासित शिक्षक एक समर्पित रंगकर्मी व दार्शनिक कवि बताया। साहित्यकार यशवंत गौतम ने भी अपने संस्मरण सुनाए, उनकी लोकप्रिय हल्बी कविता सुनाई। इसका हिंदी अनुवाद योगेंद्र देवांगन के पौत्र तन्मय देवांगन ने किया, अपने दादा को श्रद्धांजलि दी।

 साहित्यकार हरिहर वैष्णव ने अपने गुरु कवि व रंगकर्मी योगेंद्र देवांगन के कला साहित्य व शिक्षक जीवन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उनसे जुड़ी अपनी यादों को साझा किया। गौतम राम साहू ने अपनी हल्बी व हिंदी कविताओं की रिकॉर्डिंग सुनाई जिसे स्कूल के बच्चों ने स्वर दिया था। साहित्यकार हरिहर वैष्णव ने अपने प्रेरणादायक आह्वान गीत के कुछ अंश सुनाये। कवि यशवंत गौतम ने अपनी हल्बी कविता से आज के गांव की यथार्थ तस्वीर पेश कर तालिया बटोरी।

कवि घनश्याम नाग ने शिक्षा के वर्तमान स्वरूप  पर केंद्रित अपनी कविता सुनाई। हास्य व्यंगकार उमेश मंडावी ने नेताओ और आज की राजनीति पर अपनी ताज़ातरीन व्यंग्य कविता सुनाई। कार्यक्रम का संचालन कर रही मधु तिवारी ने शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को समर्पित गीत सुनाया। हिंदी साहित्य भारती के महामंत्री बृजेश तिवारी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए कार्यक्रम में उपस्थित सभी साहित्कारों का आभार व्यक्त किया।


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