कवर्धा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बोड़ला, 17 मई। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका के दो दिवसीय चिल्फी प्रवास के दौरान बैगा बाहुल्य ग्राम सरोधा दादर के ग्रामीणों और बैगा समाज के प्रतिनिधियों ने विभिन्न विकास संबंधी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
बैगा एथनिक रिसॉर्ट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों ने पारंपरिक लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से राज्यपाल का स्वागत किया। इस दौरान बैगा समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की जानकारी भी दी गई। राज्यपाल ने बैगा संस्कृति संरक्षण और पर्यटन विकास से जुड़े प्रयासों की सराहना की।
दूसरे दिन ग्राम पंचायत चिल्फी के आश्रित ग्राम सरोधा दादर के ग्रामीणों, बैगा समाज और बैगा एथनिक रिसॉर्ट प्रबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर क्षेत्र की समस्याओं और मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में बृजेश तिवारी, लोकेंद्र प्रसाद यदु, कृष्णा केवट सहित अन्य लोग शामिल थे।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि सरोधा दादर को नेशनल बेस्ट टूरिज्म विलेज प्रतियोगिता में सिल्वर श्रेणी का सम्मान मिल चुका है, लेकिन गांव में अब भी पेयजल और सडक़ जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी है। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत स्थायी पेयजल व्यवस्था और पानी टंकी निर्माण की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने थाना चिल्फी से बैगा एथनिक रिसॉर्ट तक सडक़ की खराब स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि जर्जर सडक़ के कारण पर्यटकों को आवागमन में परेशानी होती है और पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों ने सडक़ के डामरीकरण की मांग की।
ग्रामीणों ने बैगा युवक बलसिंह बैगा का उदाहरण देते हुए क्षेत्र में आधुनिक व्यायामशाला और खेल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि इससे स्थानीय युवाओं को खेलों में आगे बढऩे का अवसर मिलेगा।
इसके अलावा चिल्फी घाटी क्षेत्र में पर्यटन, जनजातीय संस्कृति, इको-टूरिज्म और होटल प्रबंधन आधारित विशेष महाविद्यालय खोलने की मांग भी की गई। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि इससे क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने बैगा एथनिक रिसॉर्ट के स्टाफ की सेवाओं की सराहना करते हुए 11 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे और क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक पहल की जाएगी।


