कांकेर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कांकेर, 31 मई। कांकेर पुलिस ने 16 चोरी के मामलों का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के 3 आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 32.60 लाख की चोरी की संपत्ति व वाहन बरामद किया, जिसमें ओडिशा के 13 स्थानों से चोरी का सामान बरामद किया गया।
जिले में लगातार हो रही सोलर पंप, सोलर प्लेट पैनल, स्टार्टर एवं केबल वायर चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना नरहरपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।
थाना प्रभारी नरहरपुर निरीक्षक सोमेश सिंह बघेल के नेतृत्व में पुलिस एवं साइबर सेल की टीम गठित कर थाना नरहरपुर, चौकी दुधावा, चौकी हल्बा एवं थाना चारामा क्षेत्र में दर्ज 16 चोरी के प्रकरणों का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय चोरी गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पिछले 6 से 8 माह के दौरान जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों एवं सिंचाई कार्यों में उपयोग होने वाले सोलर प्लेट पैनल सिस्टम, सोलर पंप, स्टार्टर तथा केबल वायर की लगातार चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं। मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर गहन जांच की जा रही थी।
जांच के दौरान ग्राम बागडोंगरी निवासी जगदीश बंजारा एवं ग्राम जामगांव निवासी परमेश्वर राठौर पर संदेह होने पर उनसे पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपने साथी मंहगू मरकाम निवासी कोरडीही, थाना कुंदई, जिला नवरंगपुर (ओडिशा) के साथ मिलकर कांकेर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से सोलर उपकरण चोरी कर उन्हें तारपहिया वाहन के माध्यम से ओडिशा ले जाकर बेचने की बात स्वीकार की।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 60 सोलर प्लेट पैनल, 7 सेट सोलर फे्रम, 14 सोलर पंप, 14 स्टार्टर एवं बड़ी मात्रा में केबल वायर बरामद किया। बरामद सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 25.60 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अतिरिक्त घटना में प्रयुक्त वाहन, कटर मशीन, टूल किट, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 7 लाख रुपये है, को भी जब्त किया गया। इस प्रकार पुलिस ने कुल 32.60 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति एवं उपकरण बरामद किए हैं।
आरोपियों के विरुद्ध थाना नरहरपुर, चौकी दुधावा, चौकी हल्बा एवं थाना चारामा में दर्ज 16 प्रकरणों में धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत अपराध सिद्ध पाए जाने पर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।


