अंतरराष्ट्रीय
संयुक्त राष्ट्र, 12 फरवरी। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों के कारण उत्पन्न खतरों पर जारी एक रिपोर्ट में बताया है कि सीरिया के राष्ट्रपति, गृह मंत्री और विदेश मंत्री की हत्या के लिए पिछले साल पांच बार नाकाम प्रयास किए गए।
बुधवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रपति अहमद अल-शारा को देश के सबसे अधिक आबादी वाले प्रांत उत्तरी अलेप्पो और दक्षिणी दारा में सराया अंसार अल-सुन्ना नामक एक समूह ने निशाना बनाया था। इस समूह को इस्लामिक स्टेट समूह से संबद्ध माना जाता है।
महासचिव एंतोनियो गुतारेस द्वारा जारी और संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद-रोधी कार्यालय द्वारा तैयार रिपोर्ट में अल-शारा, सीरिया के गृह मंत्री अनस हसन खत्ताब और विदेश मंत्री असद अल-शिबानी के खिलाफ हमले के प्रयासों की कोई तारीख या विवरण नहीं दिया गया।
रिपोर्ट में कहा गया कि हत्या के ये प्रयास इस बात का सबूत हैं कि इस्लामिक स्टेट समूह सीरिया की नयी सरकार को कमजोर करने और सीरिया में ‘‘सुरक्षा संबंधी कमजोर स्थिति और अनिश्चितता का सक्रिय रूप से फायदा उठाने’’ पर आमादा है।
अल-शारा ने दिसंबर 2024 में सीरिया के राष्ट्रपति रहे बशर असद को अपदस्थ किए जाने के बाद से देश का नेतृत्व किया है।
अल-शारा पहले हयात तहरीर अल-शाम के नेता थे, जो कभी अल-कायदा से जुड़ा था लेकिन बाद में उसने इससे संबंध तोड़ लिए थे।
नवंबर में उनकी सरकार इस्लामिक स्टेट समूह का मुकाबला करने के लिए गठित अंतरराष्ट्रीय गठबंधन में शामिल हुई थी। इस समूह ने एक समय सीरिया के बड़े हिस्से पर नियंत्रण कर लिया था।
संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञों ने कहा कि यह समूह देश भर में अब भी सक्रिय है और खासकर उत्तर और उत्तर-पूर्व में, विशेष रूप से सुरक्षा बलों पर हमले करता है।
संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञों के अनुसार, इस्लामिक स्टेट समूह के पास इराक और सीरिया में अनुमानित 3,000 लड़ाके हैं, जिनमें से अधिकतर सीरिया में हैं। (एपी)


