गरियाबंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
गरियाबंद, 7 मई। गरियाबंद जिले के वनांचल ग्राम मौंहाभाठा में सुशासन तिहार के तहत जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। खास बात ये रही कि यह वही गांव है जहां चर्चित छत्तीसगढ़ी फिल्म भूलन-द-मेज की शूटिंग हुई थी। फिल्म के प्रसिद्ध बरगद पेड़ की छांव तले प्रशासन ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही कई योजनाओं का लाभ दिया।
जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित मौंहाभाठा गांव में लगे इस शिविर में आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे। कलेक्टर बीएस उइके ने कहा कि 1 मई से 10 जून तक जिलेभर में जनसमस्या निवारण शिविर लगाए जा रहे हैं, ताकि लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
शिविर में राजस्व, कृषि, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा समेत सभी विभागों ने अपने स्टॉल लगाए और मौके पर ही लोगों की समस्याओं का निराकरण किया गया।
जनपद पंचायत अध्यक्ष सोहन ध्रुव ने कहा कि शासन गांव-गांव पहुंचकर लोगों को योजनाओं का लाभ दिला रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से खुलकर अपनी समस्याएं रखने की अपील की।
शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग ने गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कराई, वहीं मत्स्य विभाग ने हितग्राहियों को मछली पकडऩे के जाल वितरित किए।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को पक्के मकानों की चाबी सौंपी गई। इसके साथ ही ऋण पुस्तिका और अन्य सामग्रियों का भी वितरण किया गया।
जनसंपर्क विभाग ने ग्रामीणों को जनमन पत्रिका बांटकर शासन की योजनाओं की जानकारी दी।
शिविर में स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।


