गरियाबंद
नवापारा राजिम, 19 अप्रैल। भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा प्रदेश सह समन्वयक माधुरी साहू ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का संसद में पारित न हो पाना निस्संदेह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं पर एक अस्थायी विराम जैसा है। यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि भारत की आधी आबादी के सम्मान, समान अवसर और निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा माताओं-बहनों से की गई क्षमा याचना उनके संवेदनशील,जवाबदेह और जन-समर्पित नेतृत्व का सशक्त प्रमाण है। यह स्पष्ट करता है कि नारी सशक्तिकरण उनके लिए कोई राजनीतिक विषय नहीं,बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। एक ऐसा संकल्प, जिसे वे हर हाल में पूर्ण होते देखना चाहते हैं। दुर्भाग्यवश,कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसे दलों ने संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थों को राष्ट्रहित से ऊपर रखते हुए इस ऐतिहासिक पहल में बाधा उत्पन्न की। यह विरोध केवल एक विधेयक का विरोध नहीं, बल्कि देश की उन करोड़ों बहनों की आकांक्षाओं के विरुद्ध है, जो अपने अधिकार, सम्मान और समान भागीदारी की अपेक्षा रखती हैं। इतिहास गवाह है कि जब-जब नारी सशक्तिकरण के निर्णायक अवसर आए हैं, तब-तब कुछ राजनीतिक शक्तियों ने प्रगति की राह में अवरोध खड़े करने का प्रयास किया है।


