गरियाबंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नवापारा राजिम, 17 अप्रैल। समीपस्थ ग्राम घोंट में पिछले दिनों भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर जन जागृति मंच द्वारा एक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के वंचित वर्गों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा भारतीय संविधान के मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाना था।
इस कार्यक्रम में आसपास के पांच ग्रामों से आए महिलाओं, पुरुषों, किशोरों एवं किशोरियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था की अध्यक्ष अजीत एक्का ने की। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का जीवन संघर्ष हमें यह सिखाता है कि शिक्षा, संगठन और संघर्ष के माध्यम से ही समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों और कर्तव्यों को समझें ।
तथा उनका ईमानदारीपूर्वक पालन करें। महिला पंचायत प्रतिनिधि नीता यादव ने अपने विचार रखते हुए कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का जीवन हमें अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने एक ऐसे समाज की कल्पना की थी, जहाँ हर व्यक्ति को सम्मान, समान अवसर और न्याय मिल सके।
सी.आर.पी चैत्ररा देवेंद्री साहू ने एक प्रेरणादायक गीत प्रस्तुत किया। लोक मंच विकास समिति के अध्यक्ष पौल रात्रे ने अपने संबोधन में कहा कि कार्यक्रम में युवाओं एवं महिलाओं की सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। उन्होंने बताया कि उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे समाज में व्याप्त भेदभाव, असमानता एवं अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाएंगे तथा समानता, न्याय और बंधुत्व पर आधारित समाज के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देंगे।
कार्यक्रम के अंत में कार्यकर्ता हेमलता साहू ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ.भीमराव अम्बेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।


