गरियाबंद

राजिम कुंभ कल्प मेला में लोक संस्कृति की धूम
07-Feb-2026 8:03 PM
राजिम कुंभ कल्प मेला में लोक संस्कृति की धूम

राजिम, 7 फरवरी। राजिम कुंभ कल्प मेला के अंतर्गत आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला और लोक संस्कृति की मनमोहक झलक देखने को मिल रही है। कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियां दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं।

मेला के छठवें दिन शुक्रवार 6 फरवरी को नया मेला स्थल स्थित स्थानीय मंच पर मैनपुर के उत्तम यादव ने राउत नाचा की शानदार प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति से अभिभूत दर्शकों ने तालियों की गडग़ड़ाहट के साथ भरपूर आशीर्वाद दिया।

कार्यक्रम में चंद्रखुरी की प्रभा यादव ने पंडवानी गायन, कुम्ही की सरिता साहू ने जगराता, फूलझर के रेखराज साहू ने फाग मंडली तथा पारागांव की गीता साहू ने लोकनृत्य की उत्कृष्ट प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। इसी क्रम में डुमरतरई की भारती साहू ने जसझांकी, बोरिंद के नारायण साहू की टीम ने सुवा नृत्य और खरगाडीह (सिमगा) के गोपाल निषाद ने लोककला मंच के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। धमतरी के कल्याण सिंह नागवंशी ने लोकगीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया, वहीं मगरलोड के तामेश्वर साहू ने लोकनृत्य की प्रस्तुति से खूब तालियां बटोरीं।

पुराने महोत्सव स्थल के नदी मंच में अरंड के मिलाप दीवान ने मानसगान के माध्यम से रामायण के प्रसंगों पर सुंदर व्याख्या की और एक से बढक़र एक धार्मिक भजन प्रस्तुत किए। इसके अलावा सहसपुर की अनीता साहू ने रामधुनी, लोहरसिंग के खेम यादव ने रामायण पाठ, तर्री के मनोज सेन ने सुगम गायन तथा महासमुंद की मंजु पटेल ने सुगम भजनों की प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में संयोजक पुरुषोत्तम चंद्राकर, उद्घोषक निरंजन साहू, मनोज सेन, दिनेश्वर साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं व्यवस्था संचालन में अजय साव, शीतल चौबे, राकेश साहू, संतोष सूर्यवंशी, खिलेश्वरी साहू एवं हेमलता सेन सक्रिय रूप से लगे रहे।


अन्य पोस्ट