गरियाबंद

राष्ट्रीय आविष्कार अभियान: गरियाबंद के विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण
08-Dec-2025 8:19 PM
राष्ट्रीय आविष्कार अभियान: गरियाबंद के विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
गरियाबंद, 8 दिसंबर।
राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के प्रारंभिक स्तर अंतर्गत गरियाबंद जिले के 100 विद्यार्थियों और 10 शिक्षकों का चयनित दल रायपुर विज्ञान केंद्र, आदिवासी संग्रहालय रायपुर और शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय के शैक्षणिक भ्रमण पर गया। यह भ्रमण राज्य परियोजना कार्यालय के आदेशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर और जिला मिशन समन्वयक शिवेश कुमार शुक्ला के निर्देशन में आयोजित किया गया।
विज्ञान और गणित में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों का चयन कर यह यात्रा आयोजित की गई। दल का मार्गदर्शन एपीसी विल्सन पी. थॉमस ने किया। विज्ञान केंद्र रायपुर में वैज्ञानिक सोच का व्यावहारिक अनुभव, विभिन्न वैज्ञानिक मॉडल और उपकरण को नजदीक से देखने व सीखने को मिला। विद्यार्थियों ने प्रकाश, ध्वनि, चुम्बकत्व, ऊर्जा, गति और मानव शरीर से जुड़े मॉडलों को देखा।
इन सभी प्रदर्शनों ने बच्चों को यह समझने में मदद मिला कि विज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं है। उन्होंने ऐसे इंटरएक्टिव उपकरणों पर प्रयोग किए जिनसे ऊर्जा संरक्षण, घूर्णन, अपवर्तन और गुरुत्वाकर्षण जैसे सिद्धांत साफ नजर आए। 3 डी तारामंडल शो - तारामंडल छात्रों के लिए सबसे आकर्षक अनुभव रहा।
3 डी शो में सौरमंडल, ग्रहों की संरचना, अंतरिक्ष की उत्पत्ति, उपग्रहों की भूमिका और नक्षत्रों का विस्तृत परिचय मिला। बच्चों ने अंतरिक्ष में यात्रा और तारों की गति पर कई प्रश्न पूछे। विज्ञान पार्क का अवलोकन- प्राकृतिक वातावरण में बने विज्ञान पार्क में बच्चों ने बड़े आकार के वैज्ञानिक मॉडलों पर हाथ आजमाया। यहां गति, ध्वनि, संतुलन और बल के सिद्धांतों को उन्होंने खेल की तरह समझा।
आदिवासी संग्रहालय रायपुर : संस्कृति और परंपरा की गहरी झलक, जनजातीय जीवन का जीवंत प्रदर्शन - छात्रों ने यहां विभिन्न जनजातियों के पारंपरिक घरों, सामुदायिक जीवन और दैनिक उपयोग की वस्तुओं को देखा। लकड़ी, मिट्टी और प्राकृतिक सामग्री से बने मॉडलों ने बच्चों को बताया कि जनजातीय जीवन प्रकृति से जुड़ा होता है। लोक कला और वेशभूषा - संग्रहालय में प्रदर्शित पारंपरिक आभूषण, वेशभूषा, मुखौटे, चित्रकला और हस्तशिल्प ने विद्यार्थियों में जिज्ञासा बढ़ाई। उन्होंने जाना कि छत्तीसगढ़ की जनजातियां त्योहारों, संगीत, नृत्य और परंपराओं से कैसे अपने सामाजिक जीवन को आगे बढ़ाती हैं। पारंपरिक वाद्ययंत्र और सामाजिक संरचना - वाद्ययंत्रों, नृत्यशैलियों और रीति-रिवाजों की जानकारी ने छात्रों को सांस्कृतिक विविधता का मूल्य समझाया। बच्चों ने जाना कि जनजातीय संस्कृति में सामूहिकता और प्रकृति संरक्षण को खास महत्व दिया जाता है।
शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय रायपुर: इतिहास, स्वतंत्रता और विरासत का अध्ययन भ्रमण का अगला प्रमुख पड़ाव शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय रहा। यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी वीर नारायण सिंह के जीवन, संघर्ष और बलिदान को समर्पित है। यहाँ विद्यार्थियों को इतिहास और देशभक्ति से जुड़े अनेक तथ्य जानने का अवसर मिला।
 स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित दुर्लभ सामग्री- बाल वैज्ञानिकों ने वीर नारायण सिंह द्वारा चलाए गए विद्रोह, अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष और उनके नेतृत्व की ऐतिहासिक घटनाओं को प्रदर्शित सामग्री के माध्यम से समझा। संग्रहालय में संरक्षित पांडुलिपियाँ, ऐतिहासिक दस्तावेज, तस्वीरें और उनके समय की वस्तुओं ने बच्चों को उस दौर की परिस्थितियों से परिचित कराया। छत्तीसगढ़ की सामाजिक-ऐतिहासिक पृष्ठभूमि संग्रहालय में छत्तीसगढ़ की सामाजिक संरचना, प्राचीन जीवनशैली, कृषि पद्धतियों और जनआंदोलनों से संबंधित प्रदर्शनों ने छात्रों की समझ को और व्यापक बनाया। उन्होंने जाना कि कैसे वीर नारायण सिंह ने किसानों, आम जनता और स्थानीय समुदायों को संगठित कर अंग्रेजी शासन का विरोध किया। बालकों के लिए प्रेरणादायक सामग्री- छात्रों ने संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रसंगों को देखकर साहस, त्याग और नेतृत्व के महत्व को समझा।
 देशभक्ति और इतिहास के प्रति रुचि और बढ़ी। विद्यार्थियों की सीख और प्रतिक्रियाएँ- पूरे भ्रमण में बच्चों ने वैज्ञानिक उपकरणों पर प्रयोग किए, सांस्कृतिक विरासत को समझा और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े तथ्यों को जाना। उन्होंने बताया कि यह यात्रा उनके लिए यादगार रही क्योंकि उन्हें तीन अलग-अलग क्षेत्रों विज्ञान, संस्कृति और इतिहास का प्रत्यक्ष अनुभव मिला।
शिक्षकों ने भी कहा कि इस तरह के भ्रमण छात्रों की जिज्ञासा, अवलोकन क्षमता और सीखने की गति को बढ़ाते हैं। जिला शिक्षा विभाग की पहल - जिला शिक्षा विभाग ने कहा कि इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए उपयोगी हैं। आगे भी विज्ञान, इतिहास और संस्कृति से जुड़े भ्रमणों को जारी रखा जाएगा ताकि छात्र वास्तविक अनुभवों से सीखते रहें।


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