दुर्ग
आरोप-प्रत्यारोप के बीच शिकायतें बलवती
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर, 17 दिसंबर। नगर पालिक निगम चुनाव में कई वार्ड में पार्षद उम्मीदवार प्रचार-प्रसार के बीच आचार संहिता का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं, जिसे लेकर शिकायत के बाद भी अब तक कार्रवाई परिलक्षित नहीं होने से शिकायतकर्ता प्रत्याशी और दल परेशान हैं। आज भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने जहां सत्ता दल के इशारे पर पुलिस महकमे पर कार्य करने का आरोप लगाते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की है। इससे पूर्व भाजपा प्रत्याशी पीयूष मिश्रा ने अपने वार्ड में सभा के दौरान कांग्रेस समर्थकों द्वारा अवरोध उत्पन्न करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। शिकायतों के बीच ग्राउंड लेवल पर नजर डालें तो कई वार्ड में घर, बिजली के खंभे पर लटके झंडे-बैनर आसानी से दिख जाएंगे।

टाउनशिप के सेक्टर 4 में लगभग दो किलोमीटर तक सडक़ के दोनों तरफ कांग्रेस पार्टी के चुनाव चिन्ह को पेंट किया गया है। वार्ड 57 सेक्टर 4 पश्चिम की कांग्रेस प्रत्याशी संगीता ध्रुव का कहना है कि उन्हें इसके बारे में नहीं पता है। अगर किसी ने सडक़ पर पार्टी सिंबल बनाया है, तो यह गलत है। ऐसा उनके द्वारा नहीं किया गया बल्कि यह किसी दूसरे के द्वारा किया गया राजनीतिक षडयंत्र है।
हैरत की बात यह भी है कि भिलाई इस्पात संयंत्र की जिस मुख्य सडक़ पर सिंबल पेंट किया गया है, वहां के जनसम्पर्क विभाग ने कहा कि अब तक ऐसी कोई बात उनके संज्ञान में आई ही नहीं है।
शिकायत यह भी है कि आचार संहिता के दौरान ही वार्ड 17 कांट्रेक्टर कॉलोनी में भाजपा प्रत्याशी भोजराज सिन्हा उर्फ भोजू ने निगम कर्मचारियों को बुलाकर कुछ घरों में पाइप लाइन बिछवाने का काम करवाया है। वार्ड के लोगों ने बताया कि पिछले कार्यकाल में तत्कालीन पार्षद भोजराज ने कुछ नहीं किया। अब चुनाव में लोग उसका विरोध कर रहे हैं तो आचार संहिता में पाइप लाइन बिछवाकर लोगों को प्रलोभन दे रहा है। वार्डवासियों की शिकायत बाद यह काम रुका है।
सेक्टर 10 वार्ड 65 से कांग्रेस प्रत्याशी सुभद्रा सिंह के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ रही प्रत्याशी सुमन उन्नी ने जिला निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की है कि उनके प्रचार-प्रसार को बाधित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रचार को लेकर उनके द्वारा जितने भी होर्डिंग और बैनर लगाए गए थे, उन्हें चोरी कर लिया गया है।
सुमन उन्नी का आरोप है कि यह सारा कृत्य उनके विरोधी उम्मीदवारों द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से मामले की जांच कर कार्यवाही करने की मांग की है। निर्वाचन आयोग तमाम शिकायतों की जांच कर क्या कार्रवाई करता है, इसका शिकायतकर्ताओं को बेसब्री से इंतजार है।


