धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 3 अप्रैल। हनुमान जयंती के दिन अपने निर्वाचन क्षेत्र के दौरे पर निकले कुरुद विधायक अजय चन्द्राकर ने नगर पंचायत करेली बड़ी में शिव मानस परिवार द्वारा आयोजित मानसगान महोत्सव मंच से रामायण की ऐसी व्याख्या सुनाई कि सामने बैठी जनता और पाठ कर रही मंडली अवाक रह गई। मानस की गहरी समझ रखने वाले विधायक ने धर्मग्रंथों में लिखी बातों को आत्मशात करने की सरल विधि बताते हुए हनुमान जयंती की बधाई दी।
कुरुद विधानसभा के तहत मगरलोड ब्लॉक के सेनानी ग्राम मेघा, सौंगा के मानस कार्यक्रम में शामिल होकर नव गठित नपं करेली पहुंचे पूर्व मंत्री श्री चन्द्राकर ने कहा कि कलयुग में यदि कोई जीवित भगवान हैं तो भगवान राम के परम भक्त, प्रेम की पराकाष्ठा के प्रतीक हनुमान है। उन्होंने बताया कि भारत की विभिन्न भाषाओं में रामायण की रचना की गई है, सभी में भगवान राम की महिमा और हनुमान के योगदान का वर्णन मिलता है। तुलसीदास रचित रामायण से राम काज किन्हें बिन मोहि कहां विश्रामा जैसे पंक्तियों उद्धत करते हुए श्री चन्द्राकर ने कहा कि यह हनुमान जी का एक प्रसंग है जिसमें हनुमान जी बिना रामकाज के विश्राम नहीं कर सकते तो हमें भी चाहिए कि उनके विचारों को अनुकरण कर रामकाज में लग जाए, रामकाज के कई रूप हो सकते हैं। जीव के प्रति दया, प्रेम, करुणा, सेवा-समर्पण, सदभावना से ही जगत कल्याण संभव है। तभी तो नर सेवा को नारायण सेवा माना गया है।
उन्होंने बताया कि पहले के मुकाबले हनुमान जयंती आज सभी जगह धूमधाम से मनाई जा रही है। उन्होंने मानस के एक अन्य प्रसंग के हवाले से कहा कि राजपाट और संपत्ति का मोह त्याग प्रभु श्रीराम ने 14 वर्ष तक वनवास किया। त्याग और समर्पण की यह भावना मानव में आ जाए तभी जीवन का सही अर्थ साबित होगा। विधायक ने हनुमान के योगदानों का उल्लेख करते हुए कहा कि माता सीता की खोज, लक्ष्मण के लिए संजीवनी बूटी लाना, सेतु निर्माण, लंका दहन और राम रावण युद्ध में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
अपने आध्यात्मिक ज्ञान के प्रर्दशन उपरांत श्री चंद्राकर ने भौतिक विकास की श्रृंखला गिनाई। जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, सडक, बिजली, पानी सहित औधोगिक विकास की बातें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नपं करेली में शासकीय महाविद्यालय, विश्राम गृह, गार्डन और औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेगा। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष वीरेन्द्र साहू, नपं अध्यक्ष महेंद्र साहू, जिपं सभापति मीना डेमू साहू, कल्याण राजपूत, श्याम साहू, होरीलाल, राजेश, महेन्द्र, प्रदीप, डोमार साहू, दानेश्वरी सिन्हा, अर्चना साहू, देवकुंवर, पदम साहू, टोपराम सोनकर सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु मौजूद थे।


