धमतरी

गंगरेल-सोंढूर बांध के 6 गेट खोले, नदी किनारे बसे लोगों को किया अलर्ट
03-Oct-2025 8:50 PM
गंगरेल-सोंढूर बांध के 6 गेट खोले, नदी किनारे बसे लोगों को किया अलर्ट

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कुरुद, 3 अक्टूबर। धमतरी जिले में बीते दो दिनों में हुई लगातार वर्षा के कारण जलाशयों में अत्यधिक पानी की आवक हुई है, जिससे गंगरेल, मुरुमसिल्ली, रूद्री बैराज तथा सोंढूर बाँध पूर्ण भराव की स्थिति में हैं। जिससे जल द्वार खोल नहर में नियंत्रित मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। इसके लिए गंगरेल के छह गेट खोल दिए गए हैं। इसके लिए जिला प्रशासन ने सतर्कता संदेश जारी कर नदी किनारे बसे लोगों एवं पर्यटकों और से सावधानी बरतने की अपील की है।

ज्ञात हो कि 2 अक्टूबर दशहरा की रात बांधों के कैचमेंट एरिया में हुई जोरदार बारिश के चलते जिले के सभी बांधों में पानी की आवक बढऩे लगी। जिसे देखते हुए गुरुवार रात से ही नदी में गंगरेल और सोंदूर से लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रविशंकर सागर बांध के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि बीती रात में हुई भारी वर्षा के परिणामस्वरूप 27,000 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई है। जलाशय पूर्ण भराव स्तर पर पहुँच चुका था। जिसे देखते हुए गंगरेल के छ: गेट खोल दिए गए हैं।

 समाचार लिखे जाने तक 14000, क्यूसेक पानी छोड़ा जा  रहा है । जिसे परिस्थितियों के अनुसार और बढ़ाया जा सकता है। इसी प्रकार सोंदूर जलाशय से भी 6,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पानी की बढ़ी हुई निकासी से नदी-नालों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इन परिस्थितियों में बाँध स्थलों तथा नदी किनारों पर भीड़ एकत्र होने और पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दुर्घटनाओं और जनहानि की संभावना बनी हुई है।

जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक प्रमुख बांध स्थल पर दो-दो सुरक्षा बल तैनात किए जा रहे हैं। इससे न केवल पर्यटकों और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि आपातकालीन स्थिति में तत्काल नियंत्रण और सहायता भी उपलब्ध कराई जा सकेगी।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जिलेवासियों और कुरुद एसडीएम नभसिंह कोसले ने महानदी एवं खारुन नदी किनारे के रहवासियों एवं पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी किनारे अनावश्यक रूप से न जाएँ और उफनते नदी-नालों को पार करने का प्रयास बिल्कुल न करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं, किंतु जन सहयोग भी उतना ही आवश्यक है।

उन्होंने विशेष रूप से नदी किनारे बसे ग्रामवासियों को सचेत करते हुए कहा कि वे सतर्क रहें, बच्चों को जलाशयों एवं नालों के किनारे न जाने दें और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा परिस्थिति के अनुसार त्वरित कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने जनता से यह भी अनुरोध किया है कि प्राकृतिक आपदाओं जैसी आपात स्थिति में धैर्य बनाए रखें और प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। सभी नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


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