धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 18 जनवरी। कुरुद में करीब डेढ़ करोड़ की लागत से राजस्थानी शैली में निर्मित नगर प्रवेश द्वार, जिसे अटल विजय द्वार नाम दिया गया है, के रखरखाव को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा हो रही है। यह द्वार कुरुद बायपास सडक़ पर स्थित है और इसका लोकार्पण 24 जनवरी 2017 को तत्कालीन पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अजय चन्द्राकर द्वारा किया गया था।
जानकारी के अनुसार, द्वार का निर्माण पर्यटन मंत्री रहते हुए अजय चन्द्राकर के कार्यकाल में कराया गया था। यह संरचना राजस्थानी पत्थरों से निर्मित है और इसके निर्माण में राजस्थान के कारीगरों द्वारा शिल्प कार्य किया गया था। निर्माण कार्य आरईएस विभाग द्वारा कराया गया, जिसके बाद रखरखाव की जिम्मेदारी नगरीय निकाय को सौंपी गई।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि समय के साथ द्वार की देखरेख पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि पहले द्वार पर प्रकाश व्यवस्था और फव्वारे लगाए गए थे, जो अब संचालित नहीं हैं। नागरिकों ने सुझाव दिया है कि रंग-रोगन, प्रकाश व्यवस्था, फव्वारे और उद्यान संबंधी कार्य कराकर इसे फिर से व्यवस्थित किया जा सकता है। कुछ लोगों ने सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की भी बात कही है।
नगर का प्रमुख प्रवेश मार्ग होने के कारण इस द्वार से राजिम, आरंग, सिमगा, गरियाबंद, नगरी, मगरलोड और भारतमाला सडक़ मार्ग से आने-जाने वाले वाहन गुजरते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर की पहचान से जुड़े इस ढांचे के संरक्षण पर ध्यान दिया जाना चाहिए।


