धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 3 अक्टूबर। मौसम की प्रतिकूलता के बावजूद इस बार शारदीय नवरात्रि में दुर्गा स्थापना, ज्योत जंवारा, रास गरबा और दशहरा महोत्सव के आयोजकों ने पर्व को अच्छे ढंग से सम्पन्न कराया। इस काम में श्रद्धालु दर्शकों की भूमिका भी सराहनीय रही। समय निकाल विधायक अजय चन्द्राकर राजधानी छोड़ अपने गृह नगर में होने वाले इन आयोजनों में शिरकत कर आयोजकों का हौसला बढ़ाया।
गुरुवार को नगर की आराध्य देवी माँ चण्डी से ज्योत जंवारा का विसर्जन यात्रा निकाली गई। साथ ही शीतला माता, कंकाली, अंगार मोती मंदिर और घरों में विराजित ज्योत जंवारा एवं गांधी चौक, बजरंग चौक, कारगिल चौक में विराजित मां दुर्गा की प्रतिमा का पूरे भक्ति भाव के साथ जलसन तालाब में विसर्जित किया गया। जिसमें नगर एवं क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
विधायक अजय चन्द्राकर नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति-भानु चन्द्राकर ने कुर्मी पारा स्थित अपने निवास के सामने ज्योत जंवारा एवं दुर्गा माता की प्रतिमा की पूजा अर्चना कर बिदाई दी। शाम को खेल मेला मैदान में नगर दशहरा महोत्सव की अंतिम दिन आसमान में छाए काले बादलों के बीच निर्धारित समय से पहले ही मंच में अभिव्यक्ति कला मंच द्वारा रामलीला प्रस्तुत किया गया।
रामदल एवं रावण सेना में शामिल चरित्र आधारित वेशभूषा में सजे कलाकारों ने रावण वध की सजीव प्रस्तुति दी। तत्पश्चात प्रभु श्री राम ने पहले के मुकाबले काफी खुबसूरती से बनाए गए रावण के पुतले का दहन किया। मंच पर मौजूद पूर्व मंत्री अजय चन्द्राकर सहित अन्य अतिथियों ने सभी को पर्व की बधाई दी। इसके बाद एक दूसरे को रैनीपत्री भेंट कर विजय दशमी की बधाई दी गई। थोड़ी देर में तेज बारिश शुरू होने लगी और बिजली भी बंद हो गई, जो देर रात तक जारी रही। जिसके चलते पहले से निर्धारित शरद अग्रवाल का आर्केस्ट्रा प्रोग्राम को रद्द करना पड़ा।
इसके एक दिन पूर्व विधायक श्री चन्द्राकर ने अपने गृह नगर में विराजित दुर्गा पंडाल एवं मंदिरों में जाकर देवी दर्शन किया। चुनरी यात्रा में सहभागी बने और पचरीपारा के शीतला मंदिर में कन्या भोज में प्रसादी वितरित की। इसके अलावा उन्होंने चन्द्राकर भवन में रामजानकी गरबा समिति एवं इनडोर स्टेडियम में गरबा परिवार द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शिरकत कर संरक्षक होने का दायित्व निभाया। शुक्रवार को मंडी चौक, नया, पुरान बाजार, सरोजनी चौक, संजय नगर, पचरीपारा धोबनीपारा आदि स्थानों पर विराजित मां अम्बे की विसर्जन यात्रा निकाली गई। जिसमें सेवा, जसगीत के साथ बाना लेने वाले भक्तों ने नाचते गाते हुए माता को बिदाई दी। शांति व्यवस्था बनाए रखने पुलिस प्रशासन ने तगड़ी व्यवस्था की थी, जिसके चलते सभी आयोजन शांति और सद्भावना के साथ सम्पन्न हुए। आज भी माता को विदाई देने भक्तगण बड़ी संख्या में शामिल हुए।


