धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नगरी, 14 मई। धमतरी जिले के नगरी थाना क्षेत्र में शनिवार को डीआरजी जवानों और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ में नक्सली मंगल की मौत हो गई थी। सोमवार को मृतक नक्सली के परिजन शव लेने के लिए नगरी पहुंचे। परिजन शव को लेकर बीजापुर जिले के अपने ग्राम करका थाना गंगालूर के लिए रवाना हुए। शव लेने के लिए परिवार के 9 सदस्य दोपहर 3 बजे नगरी पहुंचे और विभिन्न कागजी कार्रवाई के बाद देर रात करीब 9 बजे नगरी से शव लेकर रवाना हुए। नगरी थाना प्रभारी टी. डड़सेना ने बताया कि परिजनों के दावे के बाद मृत नक्सली का शव उन्हें सौंप दिया गया है।
2012-13 में अचानक गायब हो गया था मंगल
शव ले जाने के लिए सभी परिजन दंतेवाड़ा जिला के कुआकोंडा थाना क्षेत्र के ग्राम दन्नी करका से नगरी पहुंचे। मृत नक्सली मंगल मढक़म के मौसेरे भाई रमेश मढक़म ने बताया कि भाई मंगल साल 2012-13 में घर से अचानक गायब हो गया था, तब उसकी उम्र करीब 20 साल रही होगी। इसके कुछ महीने बाद ही हमें पता चला की वह संगठन में शामिल हो गया है। तब से लेकर अब तक उससे हमारी कोई मुलाकात व बातचीत नहीं हुई है। हमें तो रविवार को समाचार के माध्यम से उसकी मौत की जानकारी मिली, जिसके बाद गंगालूर थाने से धमतरी कंट्रोल रूम और नगरी थाने का नंबर मिला और परिजनों के साथ नगरी आए हैं।
रमेश ने बताया कि मंगल के पिता सन्नू मढक़म व माता सोनी मढक़म का देहांत हो गया है और गांव में उसका सगा बड़ा भाई रहता है, जो नहीं आया है। शव ले जाने के लिए मौसेरा भाई रमेश मढक़म, रमेश की पत्नी और दन्नी करका की सरपंच समढी मढक़म, पाण्डु मढक़म, उंगा मढक़म, संतोष शोरी, बामन भास्कर, संतोष मंडावी, कोसा मंडावी, जोगा मढक़म पहुंचे।


