धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 20 अप्रैल। मौसमी उतार चढ़ाव और पड़ रही भीषण गर्मी से आम लोगों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। उपचार से बेहतर बचाव वाले सिद्धांत पर अमल करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तेज धूप एवं गर्मी होने वाली बीमारियों से बचने के कुछ साधारण उपाय बताएं है,जिसे अपना कर हर कोई अपनी हिफाजत कर सकता है।
सिविल अस्पताल कुरूद के खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ.यूएस नवरत्न ने बताया कि अत्यधिक गर्मी में घर से भर पेट भोजन कर ही निकले, सिर में कपड़ा ढंक कर कर रखे, थोड़ी थोड़ी देर में पानी पीते रहे, टाइट कपड़ों की जगह ढीला ढाला कपड़ा पहने, शिकंजी, नींबू पानी, फल एवं गन्ने का जूस घर पर आकर पीए, मसालेदार और अधिक वसा वाले भोजन से परहेज करते हुए सादा भोजन ग्रहण करें।
प्रदीप हॉस्पिटल के संचालक एवं धमतरी जिला के ख्यातिप्राप्त चिकित्साक डॉ. प्रदीप साहू ने भी समर सीजन में लोगों को स्वास्थ्य रहने के लिए कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं। जिसमें उपवास से बचने, नींद पूरी लेने, नियमित योग करने, बाहर के खाने पीने से बचने, बीपी, शुगर पर कंट्रोल, नियमित जांच कराने, तम्बाखू, शराब आदि नशे से बचते हुए भरपूर पानी पीने की सलाह शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जहां तक हो सके धूप में कम से कम बाहर निकले।
सिविल अस्पताल में पदस्थ नेत्र चिकित्सा सहा.अधिकारी सह विकास खंड नोडल अधिकारी डॉ.क्षितिज साहू ने बताया कि घंटो मोबाईल पर चैट करना, देर रात तक जगना,अंधेरे में टीवी, मोबाइल देखना, सर दर्द, आंखों की तकलीफ, नजर कमजोर होने का प्रमुख कारण बन रहा है, मोबाइल व कम्प्यूटर पर लगा तार नजर टिकी रहने के कारण आखो में तनाव उत्पन्न व दृष्टि संकुचित होती है, जिससे आंखों का पानी लिकवस सूखता जाता है, जिससे ड्राई आई कम्प्यूटर सिंड्रोम विजन बीमारी होने का डर ज्यादा रहता है।
डॉ. साहू द्वारा यह भी बताया गया कि युवाओं में निकट दृष्टि दोष की शिकायत दिन ब दिन बढ़ रही है, जो लोग मोबाइल व लेपटॉप,कम्प्यूटर में अधिक समय तक काम करते है, उन्हें नजदीक की चीजे धुंधली दिखाई देती है, एक बार यह परेशानी आ गई तो हमेशा पावर का चश्मे पहनना पड़ेगा, चूंकि यह शिकायत 40 वर्ष के आयु वर्ग में अधिक देखने को मिलता है ,बच्चो व बड़ों में आधे सिर और आंखों में दर्द ,माइग्रेन की समस्या अधिक देखने को मिल रहा है, इनका कारण बदलती जीवन शैली है।
लोग प्राकृतिक साधनों के अपेक्षा इलेक्ट्रॉनिक साधनों का अधिक उपयोग करने लगे है। देर रात तक मोबाइल व कम्प्यूटर में काम करना, नींद पूरी न लेना, बाहर का खान-पान, काम का तनाव आँखों की समस्याओं को और गंभीर बनाते हैं। इन समस्याओं से बचने 4 से 6 माह में आंखों का चेकअप अवश्य करवायें, चश्मा अगर लग गया है तो हमेशा चश्मा पहनें। डॉक्टरों द्वारा बताया गया कि इन उपायों को अपना अपनी दिनचर्या में परिवर्तन कर हर कोई स्वस्थ्य व निरोग रह सकता है।


