धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 6 दिसंबर। पिछले दो दिनों से क्षेत्र में हो रही बेमौसम बारिश के चलते धान कटाई मिंजाई और विक्रय का काम रोक दिया है। क्षेत्र में अभी सैकड़ों एकड़ खेतों में धान की फसल तैयार खड़ी है, जिसमें पानी पडऩे से कीट व्याधी, झडऩ एवं डिस कलर की समस्या आ सकती है। मौसम को देखते हुए दो दिनों से सोसायटियों में भी धान खरीदी बंद है।
ज्ञात हो कि बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोन का असर सोमवार से धमतरी जिले में पडऩे लगा है। मंगलवार से अब तक आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं। बीच बीच में पानी को बौछार पडऩे से तापमान का पारा लुढक़ गया है, जिससे मौसम में ठिठुरन बढ़ गई है।
कुरुद क्षेत्र के किसानों से चर्चा करने पर पता चला कि वर्तमान में 30 फीसदी खेतों में धान कटाई नहीं हुई है। कई किसानों ने हार्वेस्टर से कटाई करवा धान को खेतों में खुले आसमान तले छोड़ सोसायटियों में बारी आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उससे पहले बेमौसम बारिश आ गई।
अपनी उपज को बचाने किसान पालीथीन से ढक धान को भिगने से बचा रहे हैं। किसानों की चिंता इस बात पर है कि और अधिक पानी गिरा तो खड़ी फसल की कमर टुट सकती है, साथ ही कीटव्याधी एवं बाली से धान झडऩे की समस्या आ सकती है। हाथ से लुआई करने वाले किसानों का करपा खेत में पड़ा है, पानी भी भिगने से धान में अंकुरण और डिसकलर का खतरा मंडरा रहा है।
कुछ चिंतित किसान इस बात से दुखी हैं कि जमीन गीली होने से हार्वेस्टर मशीन खेतों तक नहीं पहुंच पायेंगी तो कटाई कार्य और पिछड़ सकता है।
बहरहाल मौसम का मिजाज देख क्षेत्र की सोसायटियों में 5 दिसंबर से धान खरीदी बंद है। कुरुद सहकारी समिति प्रबंधक टीआर बांसकार ने बताया कि कव्हर शेड की व्यवस्था नहीं होने के चलते हम फिलहाल धान नहीं खरीद रहे हैं। अब तक यहां 16885 क्विंटल धान खरीदा गया जिसमें से अरवा किस्म के 12000 क्विंटल धान का उठाव हो चुका है, शेष को तालपत्री से ढककर सोसायटी में सुरक्षित रखा गया है।


