धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नगरी, 29 नवंबर। शासकीय सुखराम नागे महाविद्यालय नगरी में मंगलवार को प्रभारी प्राचार्य प्रो आर.आर. मेहरा के निर्देशन में छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध साहित्यकार विरेन्द्र सरल आमंत्रित थे जिन्होंने अपनी रचनायें प्रस्तुत की - नानकून बात बर थोथना ओथार झन, हिम्मत ले किम्मत हे हिम्मत ला हार झन तथा गिधवा मन मजा उडाथे अउ सिधवा बदनाम होथे, मिथलबरा लुटे भंडारा अउ कुकरी चोर के नाम होथे । विशिष्ट अतिथि प्रदीन जैन ने अपनी रचना प्रस्तुत की - मान में रहव सम्मान में रहव सबके मैं अभिमान में रहव, काम में रहव काज में रहव घर में रहव दफतर में रहव, मै भाशा छत्तीसगढी हों। अतिथि व्याख्यता प्रमोद चौरे ने भी अपनी रचना प्रस्तुत की। सोचथव महूं चिरई बन जाव, अगास म उड़व अउ पंख फेलाव।
विशेष अतिथि किशोर कश्यप एवं विकास शांडिल्य ने कविता के माध्यम से वाहावाही लूटी। साथ ही छात्र-छात्राओं ने अपनी स्वरचित रचनाओं का पाठ किया। इस अवसर पर आयोजित छत्तीसगढ़ी कविता प्रतियोगिता एवं छत्तीसगढ़ी आभूषण प्रतियोगिता के विजेताओं को अतिथियों ने पुरस्कार प्रदान किया ।
कार्यक्रम का संचालन एमए राजनीति के छात्र चिमंजीव ठाकरे के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में प्राध्यापकगण प्रो लालमन बेरवंश, प्रो.दीपा देवांगन, प्रो हितेशा नंद ठाकुर, प्रो.लोकेश्वरी राठिया, डॉ.संध्यारजनी मिश्रा, उर्वशी, अविरल तिवारी, सौरभ पाण्डेय, प्रमोद चौरे, हर्षद कुमार, डॉ.शिवेन्द्र धुर्वे, शीबा खान, ओमिन निषाद सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।


