धमतरी

दिन में ज्योत जंवारा, रात में रावण दहन
25-Oct-2023 3:04 PM
दिन में ज्योत जंवारा, रात में रावण दहन

राम लीला का मंचन 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कुरुद, 25 अक्टूबर। नगर दशहरा महोत्सव की अंतिम तिथि को अभिव्यक्ति कला मंच द्वारा रामलीला एवं रावण वध का सजीव मंचन कर लंकापति का दहन किया गया। मंच पर अतिथियों ने अपनी बात रखते हुए कुछ ज्ञान वर्धक बातें कही। इसके पूर्व दिन में चंडी मंदिर सहित विभिन्न आस्था केन्द्रों एवं पंडालों में विराजित दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन किया गया। बुधवार को भी माता बिदाई हुई जिसमें हजारों लोग सहभागी बने।

बस्तर की तरह ही चर्चित कुरुद दशहरा इस वर्ष भी पुरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया विजयादशमी की रात खेल मेला मैदान मे रावण दहन का आयोजन किया गया। संयुक्त गणेशोत्सव समिति द्वारा निकाली गई रामसेतु वाली भव्य शोभायात्रा नगर भ्रमण कर खेल मैदान पहुंची। तत्पश्चात मंच में रामलीला का मंचन प्रारंभ हुआ। रामदल एवं रावण सेना में शामिल पात्र महंगे एवं चरित्र आधारित वेशभूषा में सजे कलाकारों ने रावण वध की सजीव प्रस्तुति दी।

इस बीच मंच में अतिथियों का स्वागत किया गया। आयोजन समिति संयोजक अजय चन्द्राकर ने नगर की इस गौरवशाली परंपरा की निरंतरता पर प्रशंसा जताते हुए कहा कि विचारधारा एवं जाति धर्म से परे सभी वर्गों की  सहभागिता ही इस आयोजन को भव्य बनता है, उन्होंने इस पर्व के लिए अलग से बजटीय प्रावधान करने की सलाह स्थानीय प्रशासन को दी। नपं अध्यक्ष तपन चंद्राकर ने कहा कि पद और पैसे के अहंकार में जी रहे लोगों को दशहरा एक सीख देता है कि असत्य पर सत्य, एवं अहंकार पर मोहब्बत की ही जीत सदैव होती हैं। आयोजन समिति अध्यक्ष कुशल सुखरामणी ने अतिथियों सहित कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों का अभिनंदन किया। अंत में महासचिव भानु चंद्राकर ने आभार व्यक्त किया। रावण दहन उपरांत मंच के सामने भाजपा प्रत्याशी अजय चन्द्राकर ने एवं मुख्य द्वार के पास कांग्रेसी उम्मीदवार तारिणी नीलम चन्द्राकर ने लोगों को रैनीपत्री भेंट कर विजय दशमी की बधाई दी।

इसके पूर्व दिन में चंडी मंदिर, शीतला, कंकाली,अंगार मोती मंदिर और घरों में विराजित ज्योत जंवारा का पुरे भक्ति भाव के साथ विसर्जित किया गया। इसके अलावा  गांधी चौक, बजरंग चौक, कारगिल चौक में विराजित मां दुर्गा की प्रतिमा का भी विसर्जन किया गया। इसी तरह गरबा परिवार द्वारा आयोजित रास गरबा का समापन सोमवार रात को रंगारंग सांस्कृतिक प्रोग्राम के साथ किया गया।

करीब नौ सौ प्रतिभागियों ने इस गुजराती संस्कृति को छत्तीसगढ़ी कल्चर के साथ पिरोंकर पूरे नौ दिनों तक मां भवानी की अराधना में आनंद उठाया। बुधवार को मंडी, नया, पुरान बाजार, सरोजनी चौक, संजय नगर, पचरीपारा धोबनीपारा आदि स्थानों पर विराजित मां अम्बे की विसर्जन यात्रा निकाली गई। जिसमें सेवा, जसगीत के साथ बाना लेने वाले भक्तों ने नाचते गाते हुए माता को बिदाई दी। शांति व्यवस्था बनाए रखने पुलिस प्रशासन ने तगड़ी तैयारी की थी, जिसके चलते नगर में सभी आयोजन शांति और सद्भावना के साथ सम्पन्न हुए। आज भी माता को विदाई देने भक्तगण बड़ी संख्या में शामिल हुए।


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