धमतरी
किशन मगेन्द्र
नगरी, 22 अक्टूबर(‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता)। दूसरे चरण का मतदान 17 नवंबर को प्रदेश के 70 विधानसभा में होना है, जिसके अंतर्गत सिहावा विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 56 में भी मतदान होना है।
आज से प्रत्याशियों के नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई। समाचार लिखे जाने तक कांग्रेस ने सिहावा विधानसभा क्षेत्र से अधिकृत प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। जिसको लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में संशय की स्थिति बनी है और चुनाव को लेकर उत्साह भी नजर नहीं आ रहा। सिहावा विधानसभा से वर्तमान विधायक डॉ.लक्ष्मी ध्रुव सहित 27 लोगों ने चुनाव लडऩे दावेदारी पेश किया है फिर भी कांग्रेस की केन्द्रीय चुनाव समिति उम्मीदवार घोषित करने में असमंजस स्थिति में है।
सिहावा विधानसभा में कांग्रेस विधायक गुट और संगठन गुट के रूप में दो धड़ों में बंट गया है। इससे कांग्रेस की गुटबाजी की बात अंदरखाने से बाहर मीडिया तक आ गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने वर्तमान विधायक को दुबारा टिकट नहीं देने को लेकर मोर्चा खोल रखा है जिसके चलते प्रदेश कांग्रेस भी सकते में आ गया है। वर्तमान विधायक की टिकट फाइनल हो गई थी, लेकिन अंतिम समय में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने 5 साल अनदेखी का आरोप लगाकर उन्हें टिकट नहीं देने का प्रस्ताव पास कर प्रदेश संगठन को पत्र सौंपा है। जिसके चलते दूसरी सूची में सिहावा का प्रत्याशी घोषित नहीं हो पाया।
विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी रही डॉ.लक्ष्मी ध्रुव ने 45512 वोट से भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी पिंकी शिवराज शाह को हराया था। इस लिहाज से उनकी टिकट तय थी। वर्तमान विधायक डॉ.लक्ष्मी ध्रुव और उनके समर्थक विधानसभा चुनाव 2018 के जीत के अंतर और 5 सालों में किए उनके कार्यों के दम पर वापस टिकट मिलने को लेकर आश्वस्त दिख रहे हैं, वहीं उनके विरोधी उनके छोड़ किसी नए चेहरे को टिकट देने की मांग कर रहे।
सूत्रों के मुताबिक नए चेहरे में टिकट के दौड़ में प्रमुख रूप से दिवंगत पूर्व कैबिनेट मंत्री माधव सिंह ध्रुव की सुपुत्री अमिता नेताम, पूर्व जिला पंचायत सदस्य गणेश्वर ध्रुव, जनपद सदस्य उमेश देव,जिला पंचायत सदस्य मनोज साक्षी एवं जिला युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष प्रमोद कुंजाम के नाम की चर्चा क्षेत्र में जोरों पर हैं।
विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस-भाजपा में कांटे की टक्कर देखने को मिल सकता है। सिहावा विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी एवं कार्यकर्ता लगातार जनसंपर्क कर अपने लिए समर्थन जुटाने में लगे है, वहीं कांग्रेस कार्यकर्ता प्रत्याशी घोषित होने के इंतजार में बैठे हैं।


