धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमतरी, 11 जुलाई। क्षेत्र की कोलियारी खरेंगा मार्ग के सडक़ की मांग बहुप्रतीक्षित है, सोमवार को फिर एक ग्रामीण ने हादसे में अपनी जान गंवाई है। मिली जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह 8-8.30 बजे के आस पास अपने काम पर जा रहे ग्रामीण को तेज रफ्तार हाईवा ने अपनी चपेट में ले लिया और ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई।
इस क्षेत्र की सडक़ की मांग बहुत लंबी है ग्रामीणों से लेकर विधायक तक सभी ने आंदोलन कर इस सडक़ के लिए लड़ाई लड़ी है, परंतु इतने हादसों के बाद भी सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है,बीते वर्ष विधायक ने झुरानवागांव से लेकर कोलियारी तक ग्रामीणों के साथ पदयात्रा भी की थी तो वहीं विधानसभा में भी इस विषय को गंभीरता से उठाया तो समय समय पर विभागीय मंत्री से भी मिल कर मांग के बावजूद इसकी स्वीकृति अब तक नहीं मिली।
जारी प्रेस नोट में विधायक रंजना साहू ने कहा कि इस सडक़ हादसे में गई ग्रामीण की जान का कोई जिम्मेदार है तो वो राज्य सरकार है, ना जाने कितने लोगों ने इस बदहाल सडक़ पर अपनी जान गंवाई है हमने शासन से बार बार इस विषय को गंभीरता से लेकर जल्द इसकी प्रशासनिक स्वीकृति देने की मांग की है, एडीबी में शामिल होने के बाद भी चार साल से यह सरकार इस सडक़ की प्रशासनिक स्वीकृति नहीं दे रही है,न जाने और कितने हादसों का इंतजार कर रही है ये सरकार,वहीं भाजपा मछुआरा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक नेहरू निषाद ने कहा आज का सडक़ हादसा अत्यंत पीड़ादायक है,वे कांग्रेसी जो इस सडक़ पर धान बोने की नौटंकी करते थे आज साढ़े चार साल से राज्य में उनकी सरकार है फिर क्यों सडक़ की स्वीकृति नहीं मिल रही है।
भाजपा भोथली मंडल अध्यक्ष हेमंत चंद्राकर ने कहा कि यह अवैध रेत उत्खनन और ओवरलोड हाईवा की वजह से घटना हुई है जब माइनिंग अभी बंद है, तो उस दरम्यान रेत से भरी हाईवा सडक़ में कैसे रात को हजारों की संख्या में तेज रफ्तार हाईवा इस रोड में माइनिंग बंद होने के बावजूद चलती है। अधिकारियों से लेकर सरकार तक सभी की मिली भगत से रेत का अवैध कारोबार का खामियाजा मासूम ग्रामीण को अपनी जान गंवा कर देना पड़ा है,यह शासन की गाइडलाइन का खुल्ला उल्लंघन है। हमारी विधायक ने हजारों ग्रामीणों के साथ इस सडक़ की मांग के लिए पदयात्रा निकाली थी सदन में मुखरता से मांग की संघर्ष किया उसके बाद इस सरकार ने इस दिशा में कोई कार्य नहीं किया।


