धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 9 जुलाई। यूसीसी को लेकर देश भर में चल रही चर्चा के बीच आदीवासी समाज ने इसके विरोध में अपना मत जाहिर किया है। समाज प्रमुखो ने इसे आरक्षण खत्म कर संविधान की जगह मनुवादी व्यवस्था लागू करने का षड्यंत्र बताया है।
पिछले दिनों हुई धमतरी जिला आदिवासी समाज की बैठक में केन्द्र सरकार द्वारा लाए जाने वाले समान नागरिक संहिता पर भी विचार विमर्श किया गया। इस प्रस्तावित नए कानून को मूल निवासियों के लिए घातक बताया गया है। आदिवासी समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि भारत के एससी एसटी ओबीसी और अल्पसंख्यकों के विकास को रोकने, जाति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मोदी सरकार देश में समान नागरिक संहिता लागू करने वाली है। जो भारत के मूल निवासियों के लिए घातक साबित होगा। जिला आदिवासी समाज की बैठक में जिवराखनलाल मरई, तेजराम छेदैया, हरिश्चंद्र मंडावी, सरजूराम परते, भूपेंद्र नेताम, बसंत ध्रुव, जयपाल ध्रुव, पोखराज नेताम, बोधन छेदैया, जन्मेजय ध्रुव, भरोसा पडोटी, राधे मंडावी, झगेश्वर ध्रुव, ठाकुर राम नेताम आदि शामिल थे। इसी तरह आदिवासी समाज तहसील कुरुद एवं परिक्षेत्र पाली के पदाधिकारियों ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि नया कानून लागू होते ही गरीब, भिखारी, मजदूर, किसान, महिला-पुरुष, लूला-लंगड़ा सब को एक ही लाठी से हांका जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी सभी क्षेत्रों में आरक्षण समाप्त कर देना चाहते हैं।
पदाधिकारियों का कहना है कि आरएसएस ने धर्म संसद में भारतीय मूल निवासियों के खिलाफ जो गोपनीय प्रस्ताव पास किया है, उस पर केन्द्र सरकार अमल कर रही हैं। समान नागरिक संहिता में जात पात वर्णवाद लागू होगा, और मनुस्मृति के अनुसार शासन चलेगा। जैसे मध्यप्रदेश में आदिवासी युवक पर प्रवेश शुक्ला ने पेशाब कर दिया और सरकार और पुलिस दोनों कुछ भी नहीं कर पाई । आदिवासी समाज ने यूसीसी का पुरजोर विरोध करते हुए सभी भारतीय मूलनिवासी समाज के लोगों से अपील की है कि वे भी इस काले कानून का एक स्वर में विरोध करें। मध्यप्रदेश में घटित घटना जिसमें एक उच्च जाति के व्यक्ति ने एक आदिवासी युवक पर मुत्र विसर्जन कर दिया। इस मामले को लेकर धमतरी जिला आदिवासी समाज उदृदेलित है। इस मामले में शिवराज सरकार द्वारा अब तक की गई कार्रवाई को समाज झूठी और दिखावे की कारवाई बता रहा है। कुरूद की बैठक में भूपेंद्र नेताम, तेजराम छेदया, कांशीराम कंवर, देवनाथ नेताम, ठाकुरराम, सुग्रीव नेताम, निखिल ओटी, बसंत ध्रुव ,पोखराज नेताम, धनेश्वरी ध्रुव, राम्हीनबाई, गीता मंडावी, रजनी, ममता, सावित्री ध्रुव आदि उपस्थित थे।


